June 24, 2022

Such Ke Sath

सच के साथ

LoC कश्मीर कथा : भारत-पाकिस्तान में 72 साल से 740 किमी लंबी सीमा रेखा का विवाद

भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा को लेकर करीब 72 साल से विवाद चल रहा है। यह दोनों देशों के बीच खींची गई 740 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा है। आइए जानते हैं कि एलओसी को लेकर विवाद की वजह क्या है…

 

भारत-पाकिस्तान में चल रहे तनाव के बीच हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) हमारा आंतरिक भूभाग है। इसके बाद से पीओके के साथ एलओसी यानी नियंत्रण रेखा भी फिर चर्चा में आ गई। इसे लेकर करीब 72 साल से विवाद बना हुआ है। नियंत्रण रेखा भारत और पाकिस्तान के बीच खींची गई 740 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा है। इसे लेकर पाक से 1947, 1965 और 1971 में तीन युद्ध हुए। तीनों में पाक को हार का सामना करना पड़ा।

 
खास बात यह है कि नियंत्रण रेखा कोई लकीर नहीं है जिसे सीधे देखा जा सकता है बल्कि यह अदृश्य रूप से कायम है। 1947 में विभाजन के बाद यह अस्तित्व में आई थी। जम्मू प्रांत के अखनूर सेक्टर में मनावर तवी के भूरेचक से आरंभ होकर कारगिल में सियाचिन हिमखंड से जा मिलने वाली एलओसी अर्थात नियंत्रण रेखा विश्व में सबसे अधिक खतरनाक मानी जाती है।

 

images(159)

 

क्या है इतिहास:-
कश्मीर पर कब्जे की मंशा से पाकिस्तानी सेना ने हमला किया था। 1947-48 में चली इस जंग का मसला संयुक्त राष्ट्र तक पहुंचा। 5 जनवरी 1949 को सीजफायर का ऐलान कर दिया गया। तय हुआ कि सीजफायर के वक्त जो सेनाएं जिस हिस्से में थीं उसे ही युद्ध विराम रेखा माना जाए। इसे लाइन ऑफ कंट्रोल या नियंत्रण रेखा कहा गया। इस तरह कश्मीर का कुछ हिस्सा पाक के कब्जे में चला गया जिसे आज पीओके कहा जाता है।

 

 

1965 में पाक ने आक्रमण किया किन्तु लड़ाई में गतिरोध उत्पन्न हुआ, जिसके चलते यथास्थिति 1971 तक बनी रही। 1971 में बांग्लादेश युद्ध के उत्तर में पाक ने कश्मीर पर आक्रमण किया जिससे नियंत्रण रेखा के दोनों ओर दोनों देशों ने एक-दूसरे की चौकियों पर नियंत्रण किया था। भारत को नियंत्रण रेखा के उत्तरी भाग में लद्दाख क्षेत्र से 300 वर्ग मील भूमि मिली थी। 3 जुलाई, 1972 में शिमला समझौते के बाद नियंत्रण रेखा को तब तक के लिए बहाल किया गया, जब तक कि दोनों देश सीमा का मसला सुलझा नहीं लेते।

 

 

हिमालय के पहाड़ों में बसा है अधिकतर इलाका
जम्मू और कश्मीर का ज्यादातर इलाका हिमालय के पहाड़ों में बसा है। भारत में इसकी दक्षिणी सीमा हिमाचल प्रदेश और पंजाब से लगती है। जबकि उत्तर और पूर्व में चीन के साथ एक अंतरराष्ट्रीय सीमा है। इसके अलावा नियंत्रण रेखा इसे क्रमश: पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान से पश्चिम और उत्तर पश्चिम में अलग करती है।

 

images(160)

 

नियंत्रण रेखा
* 740 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा भारत और पाकिस्तान के बीच खींची गई।
* 3 युद्ध इस सीमा विवाद पर हुए और 1972 के शिमला समझौते में इसे बहाल किया गया।
* यह यथास्थिति दर्शाती सीमा है जिसे दोनों देशों ने माना लेकिन अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं है।

 

550 किलोमीटर पुख्ता सुरक्षा
* 550 किमी लंबे एलओसी के भारतीय क्षेत्र में ‘इंडियन कश्मीर बैरियर’ बना है।
* 12 फीट तक ऊंचाई वाले इस अवरोधक में दोहरी बाड़ और कन्सर्टीना तार लगे हैं।
* 1990 से 2004 तक यह बाड़ बन पायी जिससे पाक घुसपैठ में 80% की कमी आयी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Copyright © All rights Reserved with Suchkesath. | Newsphere by AF themes.