January 16, 2021

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Lunar Eclipse December 2020: कल लगने वाला साल का आखिरी चंद्र ग्रहण है बेहद ख़ास, जानें ये रोचक बातें

Lunar Eclipse 2020: साल 2020 का आखिरी चंद्रगहण (Lunar Eclipse) पेनुब्रल (Penumbral) ग्रहण होगा. नवंबर में लगने वाले चंद्रगहण को ‘बीवर चंद्रगहण (Beaver Lunar Eclipse)’ कहा जाता है. वहीं, कुछ देशों में इसे ‘फ्रोस्टी मून’ और ‘ओक मून (Oak Moon)’ भी कहते हैं…

Lunar Eclipse 2020 : ज्योतिष शास्त्र में चंद्रग्रहण को बहुत अधिक प्रभावशाली माना जाता है। 30 नवंबर, सोमवार के दिन परम पावन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को चंद्रग्रहण लगेगा। जानकारों के अनुसार यह साल 2020 का अंतिम चंद्रग्रहण है।

विद्वानों का कहना है कि यह उपच्छाया ग्रहण (Upchhaya Chandra Grahan) है इसमें किसी विशेष ग्रह पर केवल चंद्रमा की परछाई आती है। अबकी बार चंद्रग्रहण वृष राशि और रोहिणी नक्षत्र में लगेगा। विशेषज्ञों की मानें तो भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और एशिया में यह चंद्रग्रहण दिखाई दे सकता है।

साल 2020 का आखिरी चंद्रगहण (Lunar Eclipse) 30 नवंबर को लगेगा. यह एक पेनुब्रल (Penumbral) ग्रहण होगा. इसमें सूर्य (Sun) से चंद्रमा (Moon) पर सीधी जाने वाली रोशनी (Light) के कुछ हिस्से को पृथ्वी (Earth) की बाहरी परछाई रोकती है. गौरतलब है कि इस दौरान 82 फीसदी हिस्से पर पृथ्वी की छाया सूर्य की रोशनी रोकेगी, इसके कारण चंद्रमा की चमक फीकी पड़ जाएगी.

आइए जानते हैं चंद्रगहण के बारे में यह महत्वपूर्ण बातें

दुनिया के कई हिस्सों में नवंबर में लगने वाले चंद्रगहण को ‘बीवर चंद्रगहण’ कहा जाता है. वहीं, कुछ देशों में इसे ‘फ्रोस्टी मून’ और ‘ओक मून’ भी कहते हैं.

हालांकि अपने शिड्यूल के कारण यह चंद्रग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, लेकिन आप अन्य देशों में लगने वाले चंद्रग्रहण की झलक ऑनलाइन देख सकेंगे.

-लीमा और पेरू इस पेनुब्रल चंद्रगहण को देखने वाले पहले देश होंगे, जो वहां के स्थानीय समय सुबह 2.30 बजे से लगना शुरू होगा.

-साल 2020 में लगने वाले सभी चंद्रग्रहण पेनुब्रल चंद्रग्रहण होंगे.

-अगला चंद्रगहण 26 मई 2021 में लगेगा. यह एक पूर्ण चंद्रग्रहण होगा.

बता दें कि चंद्रगहण तीन तरह के पूर्ण, आशिंक और पेनुब्रल होते हैं. पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के ठीक बीच में आ जाती है और सूर्य के प्रकाश को चंद्रमा पर जाने से रोकती है.

-आंशिक चंद्रग्रहण में पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच पूरी तरह से नहीं आ पाती है. इस कारण पृथ्वी पूर्ण रूप से चंद्रमा को ढक नहीं पाती है.

-पेनुब्रल चंद्रग्रहण में हमेशा आंशिक चंद्रग्रहण से शुरू होता है. इसमें पृथ्वी की बाहरी छाया चंद्रमा पर पड़ने लगती है और इसे देखना इसलिए मुश्किल होता है.


कहते हैं कि चंद्रग्रहण के दौरान विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए वरना चंद्रग्रहण के नकारात्मक प्रभावों को सहना पड़ सकता है। चंद्रग्रहण में इस बात का खास ख्याल रखें कि आप और आपके परिवार का कोई भी सदस्य चंद्रग्रहण के समय चंद्रमा की ओर ना देखे और ना ही चांद की रोशनी में बैठे। कहते हैं कि इससे चंद्रग्रहण के दौरान चांद को होने वाले कष्ट का असर आपके जीवन में आ सकता है।

मान्यता है कि ग्रहण के दौरान गर्भवती स्त्रियों को किसी भी नुकीली वस्तु का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, इनमें चाकू, कैंची, सूई और तलवार आदि शामिल हैं। साथ ही इस दौरान सोना, खाना, पीना, नहाना और किसी की बुराई करने पर भी पाबंदी होती है। ज्योतिष शास्त्र के जानकार बताते हैं कि सूतक काल शुरू होने से लेकर उसका समय पूरा होने तक गर्भवती महिलाओं को अपने हाथ-पैर बिना मोड़े, हाथ में नारियल लेकर बैठना चाहिए और ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर इस नारियल को जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।

चंद्रग्रहण का समय

– भारतीय समय के अनुसार, साल का आखिरी चंद्रग्रहण दोपहर 1.04 बजे से शुरू होकर शाम 5.22 बजे तक रहेगा. इस दिन कार्तिक पूर्णिमा है इसलिए इसे देश के कई हिस्सों में नहीं देखा जा सकेगा. वहीं, चंद्रोदय के समय यह देश के उत्तरी, मध्य और पूर्वी राज्यों में आंशिक रूप से देखा जा सकता है. इन क्षेत्रों में यूपी, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के सभी राज्य शामिल हैं.

कहां दिखेगा साल का अंतिम चंद्र ग्रहण

30 नवंबर को लगने वाला चंद्र ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, साउथ अमेरिका, प्रशांत और अटलांटिक महासागर के अलावा एशिया के कुछ हिस्सों में ही दिखाई देगा. ये चंद्रग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा.

चंद्रग्रहण लगने की तिथि और समय

साल का अंतिम चंद्र ग्रहण ग्रहण 30 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 4 मिनट से आरंभ होगा और 30 नवंबर को शाम 5 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जाएगा.

ग्रहण के दौरान बरतें ये सावधानियां

  • ग्रहण के दौरान और ग्रहण के खत्म होने तक भगवान की मूर्ति को नहीं छूना चाहिए।
  • ग्रहण में घर के मंदिरों के कपाट बंद कर देना चाहिए। ताकि भगवान पर ग्रहण का असर ना हो सके।
  • ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान ना तो ग्रहण देखना चाहिए और ना ही घर के बाहर निकलना चाहिए। 
  • ग्रहण में स्त्री-पुरुष को शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए। ग्रहण के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से गर्भधारण में संतान पर बुरा असर पड़ता है।
  • सूतक लगने पर और ग्रहण के दौरान सबसे ज्यादा नकारात्मक शक्तियां हावी रहती हैं। ग्रहण में कभी भी श्मशान घाट में नहीं जाना चाहिए।
  • सूतक लगने पर किसी भी तरह का कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। ग्रहण में किया गया कोई भी शुभ कार्य सफल नहीं होता।
  • ग्रहण के दौरान बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए। इसके अलावा न तो कुछ खाना चाहिए और न ही खाना बनाना चाहिए।

ग्रहण के बाद जरूर करें ये कार्य  

  • चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा से संबंधित मंत्रों का जाप करना चाहिए। 
  • ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान कर नए कपड़े पहने फिर कुछ दान करें।
  • इसके बाद कोई अन्य कार्य करना शुरू करें।
  • ग्रहण खत्म होने के बाद पूरे घर में गंगाजल डालकर शुद्धि करें।
  • ग्रहण खत्म होने पर घर के पास मौजूद किसी मंदिर में पूजा कर दान करें।
  • मान्यता यह भी है कि ग्रहण खत्म होने पर गाय को रोटी खिलाने से अच्छा फल प्राप्त होता है।
  • मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए ग्रहण खत्म होने के बाद इन्द्र देव की पूजा करने का भी विधान है।

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