October 27, 2021

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Nobel Prize for Physics 2021:फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार इन 3 वैज्ञानिकों को मिला, दिखाया ग्लोबल वॉर्मिंग से निपटने का रास्ता

नई दिल्ली|साल 2021 के लिए भौतिकी (Physics) के नोबेल पुरस्कार का ऐलान कर दिया गया है। इस साल यह प्रतिष्ठित सम्मान तीन वैज्ञानिकों को दिया गया है। इसे पाने वाले Syukuro Manabe, Klaus Hasselmann और Giorgio Parisi ने जटिल फिजिकल सिस्टम को समझने के लिए जरूरी अहम खोजें की थीं। पिछले साल भी यह सम्मान तीन वैज्ञानिकों को मिला था।

 इस वर्ष भौतकी के नोबेल पुरस्कार के लिए जापान, जर्मनी और इटली के तीन वैज्ञानिकों को चुना गया है. स्यूकूरो मनाबे (90) और क्लॉस हैसलमैन (89) को ‘पृथ्वी की जलवायु की भौतिक ‘मॉडलिंग’, ग्लोबल वॉर्मिंग के पूर्वानुमान की परिवर्तनशीलता और प्रामाणिकता के मापन’ क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए चुना गया है. पुरस्कार के दूसरे भाग के लिए जॉर्जियो पारिसी (73) को चुना गया है. उन्हें ‘परमाणु से लेकर ग्रहों के मानदंडों तक भौतिक प्रणालियों में विकार और उतार-चढ़ाव की परस्पर क्रिया की खोज’ के लिए चुना गया है.

क्या थी खोज?
Syukuro Manabe और Klaus Hasselmann ने धरती की जलवायु का फिजिकल मॉडल तैयार किया जिससे इसमें होने वाले बदलाव पर सटीकता से नजर रखी जा सकती है और ग्लोबल वॉर्मिंग का अनुमान लगाया जा सकता है। वहीं, Giorgio Parisi ने अणुओं से लेकर ग्रहों तक के फिजिकल सिस्टम में होने वाले तेज बदलाव और विकारों के बीच की गतिविधि को दिखाया।

इसके करीब एक दशक बाद हैसलमैन ने एक मॉडल बनाया जिसमें मौसम और जलवायु को जोड़ा गया। इससे यह समझने में मदद मिली कि मौसम की तेजी से बदलाव वाली प्रकृति के बाद भी जलवायु संबंधी मॉडल किस तरह प्रामाणिक हो सकते हैं. उन्होंने जलवायु पर मनुष्य के प्रभाव के विशेष संकेतों का पता करने के तरीके भी खोजे.

पारिसी ने एक गहन भौतिक और गणितीय मॉडल तैयार किया जिससे जटिल प्रणालियों को समझना आसान हुआ. पुरस्कारों की घोषणा के बाद पारिसी ने कहा, ‘‘इस बात की बहुत आवश्यकता है कि हम जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बहुत कठोर फैसले लें और बहुत तेज रफ्तार से बढ़ें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘भावी पीढ़ियों के लिए संदेश है कि हमें अब काम करना होगा.’’

रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के महासचिव गोरन हैन्सन ने मंगलवार को विजेताओं के नाम घोषित किये. किसी एक विषय के संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले एक से अधिक वैज्ञानिकों को साझा तरीके से पुरस्कार दिया जाना आम बात है. इस प्रतिष्ठित पुरस्कार में एक स्वर्ण पदक और एक करोड़ स्वीडिश क्रोनोर (11.4 लाख डॉलर से अधिक) की राशि दी जाती है पुरस्कारों की स्थापना 1895 में स्वीडिश नागरिक अल्फ्रेड नोबेल ने की थी.

 

पिछले साल किसे मिला था?
पिछले साल सम्मानित किए जाने वाले Roger Penrose vs यह बताया था कि ब्लैक होल फॉर्मेशन से जनरल थिअरी ऑफ रिलेटिविटी को प्रिडिक्ट किया जा सकता है। वहीं, Reinhard Genzel और Andrea Ghez ने हमारी गैलेक्सी के केंद्र में मौजूद विशाल द्रव्यमान (supermassive) के कॉम्पैक्ट ऑब्जेक्ट की खोज की थी।

वहीं, साल 2019 का पुरस्कार कनाडा में जन्मे कॉस्मॉलजिस्ट जेम्स पीबल्स को बिग बैंग के बाद के वक्त पर थिअरटिकल काम के लिए दिया गया था। उनके साथ स्विस ऐस्ट्रोनॉमर मिचेल मेयर और डीडियर कुएलोज को हमारे सोलर सिस्टम के बाहर के ग्रह की खोज के लिए दिया गया था।

 

अमेरिकी वैज्ञानिकों को चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार
एक दिन पहले ही सोमवार को इस वर्ष का चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार अमेरिकी वैज्ञानिकों डेविड जूलियस और आर्डम पातापुतियन को दिए जाने की घोषणा की गई है. उन्हें तापमान और स्पर्श के लिए ‘रिसेप्टर’ की खोज के लिए यह सम्मान दिया गया है. इन ‘रिसेप्टर’ से इंसान तापमान और स्पर्श को महसूस करता है. दोनों वैज्ञानिकों का अध्ययन ‘सोमैटोसेंसेशन’ क्षेत्र पर केंद्रित था जो आंख, कान और त्वचा जैसे विशेष अंगों की क्षमता से संबंधित है.

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