प्रकृति के लिए मानव बना दानव

हमारे यहाँ प्रतिवर्ष 15 लाख हेक्टेयर वन नष्ट हो रहे हैं, जबकि प्रतिवर्ष वन लगाने की अधिकतम सीमा 3 लाख 26 हजार हेक्टेयर है। यही हाल रहा तो आगामी कुछ दशकों में […]

भारतीय पुलिस व्यवस्था और न्याय ;

यद्यपि भारत में प्राचीन काल से ही विधि की सर्वोच्चता रही है। सुदृढ़ गुप्तचर सेवा की सहायता से कानून को दूरस्त रखने की परम्परा भी बहुत पहले से चली आ रही है। […]

भारतीय राजनीति में जाति की चटनी का स्वाद ;

जातिवाद प्रत्येक धर्म, समाज और देश में है। हर धर्म का व्यक्ति अपने ही धर्म के लोगों को ऊंचा या नीचा मानता है। क्यों? यही जानना जरूरी है। लोगों की टिप्पणियां, बहस […]

एक कुशल वक्ता कैसे बने?

वार्तालाप हमारे जीवन की वो कला है जो हमें दूसरों के दिलों पर राज करना सिखाती है। यह एक ऐसी कला है जिससे आप किसी भी व्यक्ति की बातचीत सुन कर उसके […]

जिंदगी बस कट रही हैं, हम जिंदगी को जीते क्यों नहीं

जिंदगी बस कट रही हैं / बस हो रहा हैं टाइम पास, दोस्तों मुझे लगता हैं कि शायद ही कोई होगा जो इन शब्दों से अनजान होगा | अन्यथा तो हम सब […]

आपकी सफलता में क्षमता

हर किसी के कुछ न कुछ सपने होते हैं, कोई चाहता हैं मैं डॉक्टर बनूं, कोई चाहता हैं मैं इंजीनियर बनूँ, कोई चाहता हैं एक्टर बनूँ, पॉलिटिशियन बनूँ, लेखक बनूँ। लेकिन क्या […]

एशिया के त्रिदेव: भारत-जापान-चीन

पर महाशक्तियों की नज़र में भारत एक उभरती एशियाई शक्ति बन चुका है और सैनिक, सामरिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण से भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की शानदार कोशिश […]

फटेहाल जनता के अमीर नुमाइंदे

हमारे देश का इसे दुर्भाग्य ही कहेंगें कि यहां का वोट देने वाला आम मतदाता दिन प्रतिदिन गरीब होता जा रहा है, जबकि गरीब वोटरों के वोटो से जीतने वाला जनप्रतिनिधी तेजी […]

गरीब और अमीर व्यक्ति की सोच कैसी होती है;

  दोस्तों, आपने एक बात जरूर सुनी होगी आज के समय में पैसे कमाने से ज्यादा महत्वपूर्ण है पैसे बचाना यह बिल्कुल सही है. यह शायद एक गरीब सोच वाले व्यक्ति के […]