इस दुनिया में सबसे बड़ा कौन है?

एक बार अर्जुन अपने सखा श्री कृष्ण के साथ वन में विहार कर रहे थे| अचानक ही अर्जुन के मन में एक प्रश्न आया और उसने जिज्ञासा के साथ श्री कृष्ण की […]

किस तरह धन ही करता हैं मनुष्य का नाश;

किस तरह धन करता हैं मनुष्य का नाशनमस्कार आज आपको मेरा यह लेख पढ़कर लगेगा की आखिर जिस धन के पीछे लोग पागल हैं उसके बिना रह नहीं सकते बस हर किसी […]

आश्रित जिंदगी का कोई अस्तित्व नहीं होता:

आश्रित जिंदगी का कोई अस्तित्व नहीं होता यह कहानी एक बहुत बड़ी बात की और हमारा ध्यान इंगित करती हैं | ओ जब तक आप योग्य नहीं हैं तब तक अगर आप […]

जीवन का आनंद ले और वर्तमान में जिए;

हर पल मुस्कुराओ जीवन कैसा भी हो, सुख दुःख से बढकर एक आस है जिन्दगीन शिकायत करो न कभी उदास हो जिन्दा दिली से जीने का अहसास है जिन्दगीपल पल दिल के […]

चुनाव…सत्ता …लूट के लोकतंत्र का सच है भूख और गरीबी

अगर लोकतंत्र का मतलब चुनाव है तो फिर गरीबी का मतलब चुनावी वादा होगा ही। अगर लोकतंत्र का मतलब सत्ता की लूट है तो फिर नागरिकों के पेट का निवाला छिन कर […]

आजादी के इतने बर्षो बाद भी क्यों लगते हैं, “हमें चाहिए आजादी” के नारे???

आजादी के 72 बरस पूरे हों गये और इस दौर में भी कोई ये कहे , हमें चाहिये आजादी । या फिर कोई पूछे, कितनी है आजादी। या फिर कानून का राज […]

निष्पन्न अपराध है सांस्कृतिक राष्ट्रवाद

यह वर्चुअल युग है, यथार्थ और उसके समस्त संदर्भों के विध्वंस का युग है, इसमें अन्य या हाशिए के लोगों को मीडिया यथार्थ के बाहर खदेड़कर विध्वंस के हवाले कर दिया गया […]

लोकतंत्र में बढ़ती सत्ता- साधना की चाहत;

किसी शायर ने कहा है, कि यहाॅं पर तहजीब बिकती है, यहाॅ पर फरमान बिकते हैं। अरे जरा तुम दाम तो बदलो, यहाॅ  ईमान बिकते हैं।इस शायरी की चंद लाइनों को वर्तमान […]