January 23, 2021

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PM मोदी यूपी को देंगे 6 लेन सड़क का तोहफा, खर्च हुए 2447 करोड़ रुपये, आज 30 नवंबर को आएंगे वाराणसी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 30 नवंबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) दौरे पर रहेंगे. वह इसी दिन एनएच-19 के हंदिया (प्रयागराज) से राजातालाब (वाराणसी) सेक्शन के 6 लेन सड़क प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित करेंगे.

वाराणसी |प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 30 नवंबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) दौरे पर रहेंगे. प्रधानमंत्री इसी दिन एनएच-19 के हंदिया (प्रयागराज) से राजातालाब (वाराणसी) सेक्शन के 6 लेन सड़क प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. वाराणसी दौरे के दौरान पीएम मोदी देव दीपावली (Dev Deepawali) में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री वाराणसी के राजघाट पर दिए जलाएंगे, जहां दोनों तरह 11 लाख दिए प्रकाशमय किए जाने हैं.

एनएच-19 के प्रयागराज से वाराणसी सेक्शन के चौड़ीकरण करने में 2447 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. 73 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना के पूरा होने से अब प्रयागराज से वाराणसी तक जाने में 1 घंटा कम समय लगेगा.

वाराणसी के इस प्रोजेक्ट की प्रगति की पीएम समीक्षा करेंगे

वाराणसी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निर्माणाधीन काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट की साइट पर जाएंगे. पीएम स्वयं इस प्रोजेक्ट के कार्यों के प्रगति का जायजा लेंगे. इसके साथ ही पीएम मोदी सारनाथ के आर्कियोलॉजिकल साइट पर लाइट और साउंड शो का भी आनंद लेंगे. गौरतलब है कि इस लाइट और साउंड शो का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही किया था.

क्या है देव दीपावली

देव दीपावली आज एक विश्व प्रसिद्ध प्रकाशोत्सव बन चुका है. कार्तिक महीने के प्रत्येक पूर्णिमा को यह दीप दान का त्योहार काफी आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. 30 नवंबर को यह त्योहार देशभर में मनाया जाएगा. इसी के साथ ही कार्तिक मास स्नान भी 30 नवंबर को समाप्त हो जाएगा. एक मास के कार्तिक स्नान के आखिरी दिन पूर्णिमा को श्रद्धालु मंदिरों में दीप दान करते हैं. इसी दीप दान को देव दीपावली के नाम से जाना जाता है.

देव दीपावली को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित

देव दीपावली को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित है. एक कथा के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही माता तुलसी वनस्पति के रूप में पृथ्वी पर प्रगट हुई थीं. एक दूसरे कथा के अनुसार त्रिपुरासुर नाम के दैत्य के आतंक से तीनों लोक स्वर्ग, भूलोक और पाताल लोकवासी डरे हुए थे. त्रिपुरासुर ने स्वर्ग लोक पर भी अपना अधिकार जमा लिया था. त्रिपुरासुर ने प्रयाग में काफी दिनों तक तप किया था. उसके तप से तीनों लोक जलने लगे. तब ब्रह्मा जी ने उसे दर्शन दिए. त्रिपुरासुर ने उनसे वरदान मांगा कि उसे देवता, स्त्री, पुरुष, जीव, जंतु, पक्षी, निशाचर न मार पाएं. इसी वरदान से त्रिपुरासुर अमर हो गया और देवताओं पर अत्याचार करने लगा. सभी देवताओं ने मिलकर ब्रह्मा जी से इस दैत्य के अंत का उपाय पूछा. ब्रह्मा जी ने देवताओं को त्रिपुरासुर के अंत का रास्ता बताया. सभी देवता भगवान शंकर के पास पहुंचे और उनसे त्रिपुरासुर को मारने के लिए प्रार्थना की. तब महादेव ने त्रिपुरासुर के वध का निर्णय लिया. महादेव ने तीनों लोकों में दैत्य को ढूंढ़ा. कार्तिक पूर्णिमा के दिन महादेव ने प्रदोष काल में अर्धनारीश्वर के रूप में त्रिपुरासुर का वध किया. उसी दिन देवताओं ने शिवलोक यानि काशी में आकर दीपावली मनाई.

वाराणसी की धरती पर सबसे अत्याधुनिक विमान से उतरेंगे पीएम नरेंद्र मोदी,

देव दीपावली पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष विमान बोईंग 777-300 ईआर पहली बार लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेगा। विमान लैं‍डिंग कराने को लेकर रनवे और एप्रन पर

मार्किंग का काम तेजी से चल रहा है। एयरपोर्ट पर विमान लैं‍डिंग कराना एयरपोर्ट अथारिटी के लिए बड़ी चुनौती है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा एजेंसी से हरी झंडी मिलने और उनके दिशा-निर्देशन में तैयारियां तेजी से चल रही है। 

प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर बोईंग 777-300 ईआर विमान अमेरिका से खरीदा गया है। यह विमान अमेरिका के राष्ट्रपति की तरह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। बनारस एयरपोर्ट पर अभी तक करीब 180 से 200 सीटर विमानों की लैं‍डिंग और टेक आफ आसानी से हो पाती है।

इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण रनवे का छोटा होना और सुविधाओं की कमी। बड़े विमानों की लैं‍डिंग कराने के लिए एयरपोर्ट का विस्तारीकरण तेजी से चल रहा है। काफी हद तक एयरपोर्ट अथारिटी ने जमीन अधिग्रहण कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि बोईंग 777-300ईआर विमान एयरपोर्ट पर आसानी से उतर जाएगा लेकिन उसके लिए रनवे और एप्रन पर अलग से माकिंग करनी पड़ती है।

प्रधानमंत्री के बोईंग 777-300 ईआर से आगमन को देखते हुए वाराणसी एयरपोर्ट प्रशासन रनवे की लंबाई और सुविधाओं की जानकारी प्रधानमंत्री सुरक्षा एजेंसी को दी गई थी। एजेंसी की जांच-पड़ताल के बाद तय किया गया कि बनारस एयरपोर्ट के रनवे पर विमान की लैंडिंग आसानी से हो सकती है। प्रधानमंत्री के सुरक्षा एजेंसी से हरी झंडी मिलते ही शनिवार को एयरपोर्ट प्रशासन ने रनवे और एप्रन आदि पर माृृकग का काम शुरू कर दिया जिससे विमान को लैंडिंग करने में आसानी हो।  

इन सुविधाओं से लैस है विमान 

-विमान में अत्याधुनिक मिसाइल और रक्षा प्रणाली शामिल है, जिन्हें लार्ज एयरक्राफ्ट इंफ्रारेड काउंटरमेजर्स (एलएआइआरसीएम) और सेल्फ प्रोटेक्शन सूट्स (एसपीएस) कहा जाता है। 

-विमान में इंटीग्रेटेड डिफेंसिव इलेक्ट्रानिक वारफेयर सूट (एआइडीइडब्ल्यूएस) है, जो विमान को इलेक्ट्रानिक खतरों से बचाता है। 

-विमान में मिसाइल वार्निंग सेंसर और काउंटर-मेजर डिस्पेंसिंग सिस्टम भी है। 

विमान एक बार में 17 घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम है। 

-विमान में सिक्योर मोबाइल और सेटेलाइट फोन और कम्युनिकेशन फैसिलिटी भी है। 

-वीवीआइपी के अलावा डेलीगेट्स को भी बैठने के लिए इसमें अलग से जगह है।

पीएम काशी में रहेंगे सात घंटा 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 नवंबर को देवदीपाली पर आएंगे। वाराणसी में लगभग सात घंटे रहेंगे। पीएम का प्रोटोकाल जिला प्रशासन को प्राप्त हो चुका है। पीएम सबसे पहले दोपहर सवा दो बजे के आसपास खजुरी हेलीपैड पर उतरेंगे। नेशनल हाइवे की राजातालाब से हंडिया तक 2447 करोड़ की लागत से बने 72.64 किमी लंबे सिक्स लेन सड़क का लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री खजुरी में लगभग 40 मिनट तक रहेंगे। इसके बाद विमान से डोमरी आएंगे। डोमरी से फिर वाहन से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचेंगे। कारिडोर को देखने के बाद मंदिर प्रशासन की ओर से एक प्रजेंटेशन भी रखा जाएगा। इसके बाद वह राजघाट आएंगे। प्रधानमंत्री राजघाट पर सवा पांच बजे पहला दीपक जलाएंगे। पीएम के दीपक जलाते ही सभी घाटों पर दीये जलने शुरू हो जाएंगे।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि एमएलसी चुनाव को देखते हुए पीएम के कार्यक्रम वास्ते निर्वाचन आयोग से अनुमति मांगी गई थी, आयोग ने कुछ शर्तों के साथ हरी झंडी दे दी है। राजघाट पर पीएम लगभग 45 मिनट तक रहेंगे। पर्यटन विभाग की वेबसाइट पावन पथ की लांचिंग के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के बाद शाम 5.45 बजे से बोट से देवदीपावली को निहारेंगे। चेतसिंह किला पर लेजर शो देखने के बाद शाम साढ़े सात बजे के आसपास सारनाथ पहुंचकर लाइट एंड साउंड शो को देखेंगे। लगभग 40 मिनट सारनाथ में गुजारने के बाद रात सवा आठ बजे बाबतपुर एयरेपार्ट के लिए प्रस्थान करेंगे।

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