January 23, 2021

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Poster women of Farmers protest:’ किसान आंदोलन की 2 धाकड़ दादिंया, जिन्होंने कंगना की कर दी बोलती बंद

नई दिल्ली | कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसानों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। मंगलवार को केंद्र सरकार की तरफ से बुलाई गई मुलाकात के बाद भी सहमति नहीं बन सकी। लिहाजा अपना बोरिया-बिस्तर और राशन लिए किसान दिल्ली कूच के लिए बॉर्डर पर जुटे हुए हैं। इस आंदोलन में महिलाएं भी बढ़-चढ़कर शामिल हुई हैं लेकिन पंजाब के किसान परिवार की दो दादी केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन की पोस्टर वुमन बन गई हैं। ये दादी हैं- बठिंडा की मोहिंदर कौर और बरनाला की जंगीर कौर, दोनों उम्र के 80वें पड़ाव पर है लेकिन इस उम्र में भी वे अपने परिवार और बाकी किसानों के लिए आवाज उठाने के लिए झंडाबरदार बनी हुई है। दोनों दादियों को सोशल मीडिया पर भी हौसलाअफजाई हो रही है।

कंगना रनौत को बुजुर्ग दादी का जवाब – 13 एकड़ जमीन की मालकिन हूं, चाहे तो मेरे खेतों में कर सकती हैं मजदूरी

एक्‍ट्रेस कंगना रनौत हमेशा अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं. लेकिन इस बार पंजाब की एक बुजुर्ग महिला पर पैसे लेकर किसान प्रोटेस्ट में शामिल होने की टिप्पणी करना भारी पड़ गया है. दरअसल उन्‍होंने किसान प्रोटेस्‍ट में शामिल बुजुर्ग किसान दादी को शाहीन बाग की बिलकिस बानो बताया था. जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्‍हें जमकर ट्रोल किया जाने लगा. हालांकि लोगों के निशाने में आने के बाद उन्‍होंने अब अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है. अब बुजुर्ग दादी महिंदर कौर ने कंगना को कड़ा जबाव दिया है. उनका कहना है कि उनके पास 13 एकड़ जमीन है और उन्‍हें 100 लेकर कहीं जाने की जरूरत नहीं है.

महिंदर कौर कहती हैं कि, उनकी उम्र 87 साल है. वह अपने खेतों पर काम करती हैं. वह किसान संघर्ष में कभी पीछे नहीं रही हैं. मैं खुद एक किसान हूं और हमेशा अपने किसान भाईयों के साथ खड़ी हूं. यह कोई छोटा काम नहीं है. मैंने खुद अपने घर पर कई तरह की सब्जियां लगाई है. इंडियन एक्‍सप्रेस के अनुसार, महिंदर कौर कहती हैं,’ मुझे बताया गया कि एक एक्‍ट्रेस ने आप पर टिप्‍पणी की है. वह कभी मेरे घर नहीं आई, मैं क्‍या करती हूं उनको नहीं पता और उन्‍होंने कह दिया,’ मुझे 100 रूपये दिए गए. बहुत बुरी बात है…मुझे क्‍या करना है 100 रूपये का.’

उन्‍होंने आगे कहा,’ मेरी तीन बेटियां हैं और तीनों की शादी हो चुकी है. मेरा बेटा मेरी साथ रहता है अपनी पत्‍नी और बच्‍चों के साथ. हम खेतों में काम करते हैं.’ महिंदर कौर का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह कह रही हैं कि, एक्‍ट्रेस के पंजाब और यहां के किसानों के बारे में कुछ पता नहीं है. उन्‍हें अगर पता होता तो वह ऐसी घटिया बातें नहीं करती. उन्‍हें यह पता नहीं है कि किसके बारे में उन्‍हें क्‍या बोलना चाहिए. जब मुंबई में उनका दफ्तर तोड़ा गया था तो पूरे पंजाब ने उनका साथ दिया था.’ उन्‍होंने यह भी कहा कि, अगर कोरोना की वजह से कंगना के पास काम नहीं है तो वह उनके खेतों में दूसरे मजदूरों के साथ काम कर सकती हैं.

कंगना ने क्‍या कहा था जानिए :_

कंगना ने अपने ट्वीट में लिखा था,’ हाहाहा…यह वही दादी हैं जिन्हें भारत के सबसे पावरफुल लोगों की लिस्‍ट में शामिल किया था. यह तो 100 रुपये में अवेलेबल हैं. पाकिस्तान के पत्रकारों ने इंटरनेशनल पीआर को भारत के लिए शर्मनाक तरीके से हायर कर लिया है. हमें अपने ऐसे लोग चाहिए जो हमारे लिए आवाज उठा सकें.’ हालांकि एक्‍ट्रेस ने अपना यह ट्वीट डिलीट कर दिया है.

किसानों के हक में आवाज उठाती हैं मोहिंदर

फतेहगढ़ के जांदिया गांव में रहने वाली मोहिंदर के परिवार के पास 12 एकड़ जमीन है। मोहिंदर की तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें वह कमर झुकाकर चल रही है और एक हाथ में भारतीय किसान यूनियन का झंडा थामे हैं। मोहिंदर ने बताया, मैं किसान आंदोलनों में जाती रही हूं। करीब एक महीने पहले, मैं संगत गांव स्थित एक पेट्रोल पंप में प्रदर्शन के लिए गई थी जहां मेरी तस्वीर क्लिक की गई। अब वही तस्वीर वायरल हो रही है।’

कंगना ने मोहिंदर कौर को समझ लिया शाहीन बाग वाली दादी

मोहिंदर की तस्वीर साझा कर तंज कसने पर ऐक्ट्रेस कंगना रनौत भी बुरी तरह ट्रोल हो गईं। दरअसल कंगना ने मोहिंदर को 82 साल की बिल्किस बानो समझकर ट्वीट किया था जो सीएए के खिलाफ शाहीन बाग आंदोलन का चेहरा थीं और टाइम मैगजीन ने उन्हें 100 प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में शामिल किया गया था। कंगना ने ट्वीट किया था, ‘यह वही दादी है जिन्हें टाइम मैगजीन ने मोस्ट पावर(फुल) बताया था और यह 100 रुपये में उपलब्ध हैं। पाकिस्तानी पत्रकारों ने शर्मनाक तरीके से भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय पीआर को हायर कर लिया है, हमें ऐसे लोगों की जरूरत है जो वैश्विक रूप से हमारे लिए बोलें।’

किसान आंदोलन की दूसरी दादी जंगीर कौर की सरकार से अपील

वहीं दूसरी दादी बरनाला जिले के कट्टू गांव की जंगीर कौर हैं। 80 साल की जंगीर के पास एक एकड़ जमीन है। उन्हें भी इस उम्र में किसान आंदोलन में भागीदारी के लिए वाहवाही मिल रही है। जंगीर कहती हैं, ‘मैं माटी के सपूतों का साथ देना चाहती हूं जो अपने हक के लिए लड़ रहे हैं। मैं चाहती हूं कि सरकार हमारी मांगों पर ध्यान दें ताकि हमें हमारी जमीन खोने का डर न हो।’

मोहिंदर कौर का कंगना को दो टूक जवाब

कंगना के ट्वीट का जवाब देते हुए मोहिंदर ने कहा कि उनके परिवार के पास पर्याप्त पैसा है। उन्होंने कहा, मैं पैसों के लिए आंदोलन में क्यों जाऊंगी? बल्कि मैं तो दान करूंगी। मोहिंदर ने सितंबर महीने में अपने पति लाभ सिंह के साथ बादल गांव में कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा, ‘अब मैं दिल्ली जाना चाहती हूं।’

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