January 23, 2021

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Solar Eclipse 2020: चंद्र ग्रहण के बाद अब लगने जा रहा है सूर्य ग्रहण, जानें इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

Surya Grahan 2020 Date, Timings in India: सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है.सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को प्रमुख घटना माना गया है. सूर्य ग्रहण कब लग रहा है, आइए जानते हैं.

नई दिल्ली |Surya Grahan 2020: सूर्य ग्रहण दिसंबर महीने के मध्य में लगने जा रहा है. पंचांग के अनुसार 14 दिसंबर को साल का अंतिम सूर्यग्रहण लगने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साल के अंतिम सूर्य ग्रहण को बेहद महत्वपूर्ण माना जा है. सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी पड़ने जा रहा है. सभी राशियां भी इससे प्रभावित होने वाली हैं.

सूर्य ग्रहण कब लगेगा
सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर 2020 को लग रहा है. सूर्य ग्रहण भारत में शाम को 07 बजकर 03 मिनट से शुरू होगा. सूर्य ग्रहण की समाप्ति 14 दिसंबर को मध्यरात्रि उपरान्त यानि 15 दिसंबर 2020 की 12 बजकर 23 मिनट पर होगी. पंचांग के अनुसार सूर्यग्रहण लगभग पांच घंटे का होगा.

ग्रहण काल में नहीं किए जाते हैं ये काम

ग्रहण का सूतक भले ही भारत में मान्‍य ना हो लेकिन ग्रहण का प्रभाव समूची सृष्टि पर एक साथ पड़ता है इसलिए ग्रहण काल के दौरान कुछ चीजों की मनाही है। ग्रहण काल में भोजन करना, कुछ पीना, तेज आवाज से बोलना, शुभ कार्य, मांगलिक कार्य आदि नहीं किए जाते हैं। इस अवधि में गर्भवती महिलाओं को भी घर से बाहर नहीं निकलना चाहिये। ऐसा करने पर गर्भस्‍थ शिशु पर बुरा असर पड़ सकता है। धार्मिक दृष्टि के अनुसार इस दौरान नकार शक्तियां जाग्रत होती हैं एवं वैज्ञानिक दृष्टि से इस समय सूर्य से निकलने वाला रेडिऐशन बहुत घातक होता है। इसलिए दोनों दृष्टियों के अनुसार ग्रहण काल में बाहर जाना बाधित है।

इन देशों में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
सूर्यग्रहण दक्षिण अमेरिका, साउथ अफ्रीका और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. 14-15 दिसंबर को लगने वाला ग्रहण खंडग्रास सूर्यग्रहण होगा. यह भारत में भी दिखाई देगा.

सूतक काल मान्य होगा
सूर्य ग्रहण में सूतक काल मान्य होगा. सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पूर्व सूतक काल का आरंभ होगा. सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करने चाहिए. छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इस सूतक काल में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. सूतक काल में भगवान का स्मरण करना चाहिए. क्योंकि सूतक का अर्थ होता है खराब समय. सूतक काल में प्रकृति ज्यादा संवेदनशील रहती है. इस स्थिति में अनहोनी के होने की संभावना अधिक रहती है.

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