February 26, 2021

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UP:गरीबों-किसानों की समस्याओं को दूर करता नहीं दिख रहा बजट; मायावती

लखनऊ |बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को देश में पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस की बढ़ती क़ीमतों पर भारतीय जनता पार्टी की केंद्र व राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा है कि महंगाई से त्रस्त जनता को सताना सर्वथा अनुचित है।

मायावती ने ट्वीट कर कहा ”देश में पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतों में अनावश्यक ही अनवरत वृद्धि करके कोरोना प्रकोप, बेरोजगारी व महंगाई आदि से त्रस्त जनता को सताना सर्वथा गलत व अनुचित है।” उन्होंने कहा ” इस जानलेवा कर वृद्धि के माध्यम से जनकल्याण के लिए धन जुटाए जाने का सरकार का तर्क कतई उचित नहीं।”

मायावती ने सिलसिलेवार किए ट्वीट में कहा ” केन्द्र व राज्य सरकारें अगर पेट्रोल, डीजल आदि पर कर की लगातार मनमानी वृद्धि करके जनता की जेब पर जो भारी बोझ हर दिन डाल रही हैं उसे तत्काल रोका जाना बहुत ही जरूरी है। वास्तव में यही सरकार का देश की गरीब, मेहनतकश जनता व मध्यम वर्ग पर बड़ा एहसान व भारी जनकल्याण होगा।”

 

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि यूपी की 23 करोड़ जनता के लिए पेश किया गया प्रदेश सरकार का बजट संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश में एक ही पार्टी की सरकार होने के बावजूद जनता से किए वादे के अनुसार बजट नहीं है। खासतौर पर गरीबों, कमजोर वर्गों व किसानों की समस्याओं को ये बजट दूर करता नहीं दिख रहा।

मायावती ने बजट पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की तरह यूपी सरकार का बजट भी बेरोजगारी दूर करने के मामले में अति निराशाजनक है। केंद्र की तरह यूपी के बजट में भी जनता को वादे और हसीन सपने दिखाने का प्रयास किया गया है।

बजट पर अखिलेश यादव ने कसा तंज
वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी यूपी बजट को लेकर योगी सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का आखिरी बजट आज पेश हुआ है। यह आखिरी बजट था और इसके बाद मुख्यमंत्री कुछ चाहेंगे तो भी नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा कि इसके साथ खेल खत्म, पैसा हजम।

गरीब को वही धोखा मिला जो भाजपा पहले दिन से देते आई है
उन्होंने कहा कि यह पैसा भाजपा ने कैसे खत्म किया है, वह हम और आप नहीं समझ पाए। हमें तो उम्मीद थी कि जो बजट आएगा, इसमें गरीब के लिए, किसान के लिए कुछ राहत होगी। लेकिन गरीब को वही धोखा मिला जो भाजपा पहले दिन से देते आई है।

कृषि कानूनों को लेकर साधा निशाना
साथ ही अखिलेश यादव ने कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसानों की नहीं, बल्कि उद्योगपतियों की है। कानून किसानों के लिए लाया गया है, लेकिन वह उन्हें नहीं चाहते हैं, ऐसे में कृषकों पर कानूनों को थोपने की क्या जरूरत है?

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