January 20, 2021

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UP:गैंगस्टर विकास दुबे के भाई दीपक के घर की कुर्की, फरार चल रहा है 20 हजार का इनामिया अपराधी

विकास दुबे और उसके भाई दीपक दुबे के दो मकान कृष्णानगर की इंद्रलोक कॉलोनी में हैं। दोनों भाइयों के खिलाफ कृष्णानगर पुलिस स्टेशन में 5 जुलाई को एक केस दर्ज किया गया था। विकास दुबे का एन्काउंटर हो गया था। इस मामले में दीपक दुबे उर्फ दीपू वांछित चल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी। उसका कोई सुराग नहीं लगा था। पुलिस ने दीपक की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये इनाम घोषित किया था।

लखनऊ|बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) के भाई दीपक दुबे के कृष्णानगर इलाके में स्थित घर और सामान की पुलिस ने शुक्रवार को कुर्क कर लिया। इस दौरान पुलिस के आलाधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपित दीपक की तलाश लगातार की जा रही है।

कोर्ट ने जारी किया था एनबीडब्ल्यू
इसके बाद पुलिस ने सितंबर महीने में आरोपी के खिलाफ कोर्ट से एनबीडब्ल्यू लिया था। इसके बाद भी आरोपित तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। 14 दिसंबर को पुलिस ने विशेष मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट से फरार आरोपित दीपक के खिलाफ कुर्की का आदेश लिया। 18 दिसंबर को एडीसीपी सेंट्रल चिरंजीव नाथ सिन्हा, एसीपी हरीश सिंह भदौरिया, इंस्पेक्टर कृष्णानगर महेश कुमार दुबे पुलिस टीम के साथ दीपक दुबे के इंद्रलोक कॉलोनी स्थित घर कुर्की के लिए पहुंचे।

सुबह से ही कुर्की की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस टीम ने मकान और उसमें रखे सामान की कुर्की की। करीब तीन ट्रकों में सामान भरकर ले जाया गया। कुर्क किए गए सामान में स्कूटी, साइकल, फर्नीचर, कूलर व अन्य सामान था।


एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक कृष्णानगर थानाक्षेत्र के इंद्रलोक कालोनी में रहने वाले दीपक दुबे और उसके भाई विकास दुबे पर जुलाई में जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें दीपक दुबे फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया। उसके खिलाफ कोर्ट से कई बार गैर जमानती वारंट भी जारी कराया गया। लेकिन न तो पुलिस की गिरफ्त में आया और न ही कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित किया और इनाम घोषित किया। पुलिस का यह भी प्रयास बेकार साबित हुआ। पुलिस ने कुछ दिन पहले उसके खिलाफ हाजिर न होने पर संपत्ति कुर्क करने का नोटिस भी जारी कराया लेकिन कोई  फायदा नहीं हुआ। पुलिस ने शुक्रवार को संपत्ति कुर्क  करने का आदेश हासिल कर उनके घर पहुंच गई।

एक करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्तएडीसीपी मध्य शुक्रवार दोपहर को  एसीपी कृष्णानगर हरीश सिंह भदौरिया, इंस्पेक्टर कृष्णानगर महेश दुबे सहित भारी संख्या में पुलिस टीम लेकर पहुंचे। दोपहर करीब दो बजे परिवारीजनों को कोर्ट के आदेश को पढ़कर सुनाया गया। इसके बाद कार्यवाही शुरू की गई। पुलिस ने इस दौरान 4 घंटे के अंदर घर के सारे सामान जब्त कर लिया। वहीं मकान पर भी पुलिस का सील लगा दिया गया है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक दीपक दुबे की करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। जिसमें मकान व जमीन भी शामिल हैं।

हमारा सब कुछ खत्म हो गया…विकास दूबे की पत्नी

संपत्ति कुर्क होने के दौरान दीपक दुबे की पत्नी के अंजलि दुबे के आंख में आंसू थे। उसने पुलिस की कार्यवाही के बाद रोते हुए कहा कि अब हमारा सब कुछ खत्म हो गया। दीपक के दो बच्चे कार्तिकेय और दिव्यांशु मां को संभालने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उनकेआंख के आंसू भी साफ दिख रहे थे। दीपक की सास कानपुर के शुक्लागंज निवासी शीला भी मौके पर पहुच गई थी। उन्होंने कहा कि मेरे आगे पीछे कोई नहीं है। वह अपनी बेटी अंजलि केसाथ रहती थी। अब कहां जाउंगी? वहीं भतीजी प्रियंका पांडेय मौजूद थी। जो परिवारीजनों को संभालने की कोशिश कर रही थी।

यह था मामला..
कानपुर के बिकरू में 3 जुलाई की रात को शातिर अपराधी विकास दुबे ने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों को गोलियों से भून डाला था। इस वारदात में आठ पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे। पुलिस ने कुछ दिन बाद 10 जुलाई की सुबह विकास दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया। वहीं उसके भाई कृष्णानगर निवासी दीपक दुबे  उर्फ दीपू   के घर से पुलिस ने एक सरकारी नंबर की अंबेसडर कार बरामद की थी। जो वृंदावन कालोनी निवासी विनीत पांडेय की थी। पांच जुलाई को कृष्णानगर पुलिस ने इस मामले में विनीत की तहरीर पर विकास दुबे व उसके भाई केखिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। विनीत के मुताबिक वह कार 2009 में नीलामी में खरीदी थी।  विनीत पांडेय के मुताबिक बीजी नंबर की अंबेसडर कार  विकास, उसका भाई और दो अन्य साथी ने धमका कर गाड़ी अपने साथ ले गए थे।  इस मामले में 5 जुलाई को पीड़ित की तहरीर पर आरोपित विकास दुबे, उसके भाई दीपक दुबे और दो अज्ञात साथियों के खिलाफ  कृष्णानगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

सितंबर में घोषित हुआ था इनाम
तत्कालीन डीसीपी मध्य  दिनेश सिंह ने दीप प्रकाश की गिरफ्तारी पर इसके बाद 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया  था। मुकदमा दर्ज करने के बाद कृष्णानगर पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।  दीप प्रकाश की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से गैर जमानती वारंट हासिल किया है। वहीं कुर्की की कार्रवाई के लिए भी उन्होंने दीप प्रकाश के घर पर 82 की नोटिस सितंबर में तामिल कराया था। कृष्णानगर पुलिस के अलावा क्रइम ब्रांच की भी टीम इनामी दीप प्रकाश की गिरफ्तारी केलिए लगी थी। पुलिस को उम्मीद है कि संपत्ति कुर्क होने के डर से वह कोर्ट में समर्पण करने की कोशिश करेगा। इस दौरान पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी। लेकिन पुलिस टीम को सफलता नहीं मिली। शुक्रवार को उसकी संपत्ति कुर्क कर दी गई।

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