December 1, 2020

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UP:बस्ती पुलिस ने दो सांप तस्करों को किया गिरफ्तार, दो मुंहा सांपो की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में करोड़ों में होती है कीमत?

बस्ती पुलिस ने दो सांप तस्करों को किया गिरफ्तार, दुर्लभ प्रजाति का दो मुहाँ सांप बरामद

भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) 1972 के तहत संरक्षित दोमुंहा सांप का इस्तेमाल विशेषरूप से तांत्रिक क्रियाओं में किया जाता है.

बस्ती। उत्तर प्रदेश के जनपद बस्ती (Basti) सदर कोतवाली पुलिस (Police) ने वन्य जीवों की तस्करी करने वाले दो सांप तस्करों (Snake smugglers) को गिरफ्तार किया है. दोनों सांप तस्करों को पुलिस (Police) ने शहर के महराजा होटल से गिरफ्तार किया है. वन प्रभागीय विभाग (Forest Department) की रेंजर टीम ने एन्टीबोआ प्रजाति का एक दो मुंहा सांप बरामद किया है.

सूत्रों के अनुसार इस सांप को प्रयागराज से लाया गया था. बस्ती के महाराजा होटल में इस सांप की 10 लाख रुपये में डील हुई थी. सांप की तस्करी करने वाले दोनों आरोपी आईटीआई के छात्र हैं. पहले छात्र की पहचान अमरेन्द्र के रूप में हुई है, जो मऊ से आईटीआई पास कर चुका है. वहीं मनोज गोरखपुर का रहने वाला है, जो अभी आईटीआई का छात्र है. बस्ती जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र से दो दुर्लभ प्रजाति के सांप के साथ दो तस्करों को वन विभाग टीम ने अरेस्ट किया है.

दरअसल ये दोनों तस्कर प्रयागराज जिले से रेड सेंड बोआ स्नैक को लेकर महाराजा होटल में डील करने पहुंचे थे. आज इन्हें रेड सेंड स्नैक की डिलीवरी देकर पार्टी से 10 लाख रुपये लेने थे, लेकिन वन विभाग की टीम ने इन्हें गिरप्तार कर लिया. दोनों युवक स्नैक करियर का काम करते थे. डिलीवरी देकर पैसे लेने में इन्हें अच्छे खासे पैसे मिलते थे. दोनो आईटीआई के छात्र हैं. इन्होंने यूट्यूब से जानकारी हासिल किया और प्रयागराज से सांप को लेकर बेचने के फिराक में थे. तस्करों की फोन पर कस्टमर से डीलिंग भी हो गई थी.

फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को पूछताछ के जेल भेज दिया है. साथ ही पुलिस ने इस मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है. बता दें कि भारत में संरक्षित दो मुंहा सांप की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बहुत ज्यादा डिमांड है. अंतरराष्ट्रीय डिमांड के चलते इस सांप को विदेशों में करोड़ो रुपये में बेचा जाता है.

दोमुंहा सांप की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्यों करोड़ों में होती है कीमत?

भारत में संरक्षित दोमुंहा सांप (double-faced snake ) की अंतरराष्ट्रीय मार्केट (international market) में बहुत ज्यादा डिमांड है. जहां इसकी कीमत करोड़ों में बताया जाती है. राजस्थान के मरूस्थीय इलाकों में बहुतायत से पाये जाने वाले दोमुंहा सांप का वैज्ञानिक नाम रेड सेंड बोआ स्नेक है. इस सांप से जुड़े कुछ रूढ़ियों के चलते बहुत बड़े पैमाने पर इसकी स्मगलिंग होती है. अंतरराष्ट्रीय डिमांड के चलते इस सांप को विदेशों में 3 करोड़ से लेकर 25 करोड़ रुपए तक की कीमत में बेचा जाता है.

एक रिपोर्ट के अनुसार, दोमुंहे सांप का इस्तेमाल विशेषरूप से तांत्रिक क्रियाओं में किया जाता है. वहीं कुछ लोगों का ऐसा भी मानना है कि इन सांप को खाने से शारीरिक शक्ति और यौन शक्ति में बढ़ोतरी होती है. साथ ही एड्स जैसी खतरनाक बीमारी का भी इलाज इससे संभव है. हालांकि ऐसा होने के पीछे कोई वैज्ञानिक कारण नहीं हैं. लेकिन ऐसी किदवंतियों के चलते बड़े पैमाने पर इनकी तस्करी की जाती है.

देश के कई हिस्सों से होती है तस्करी

जानकारों का मानना है कि इस सांप की तस्करी देश के कई हिस्सों में चल रहा है. जिसमें मुख्यतौर पर बिहार, बंगाल, मध्य प्रदेश, उत्तरप्रदेश और हरियाणा राज्य शामिल हैं. दोमुंहे सांप का वास्तव में दो मुंह से कोई वास्ता नहीं होता है. दरअसल इस सांप की पूंछ की बनावट ऐसी होती है कि यह मुंह की तरह दिखाई देती है.

खतरा होने पर ये सांप अपनी पूंछ को मुंह की तरह ही हवा में खड़ा कर लेता है. जिसके चलते इस सांप को दो मुंहा सांप कहते हैं. इस सांप को लेकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कई मिथक प्रचलित हैं. जिनके चलते इन सांप के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है. भारत सरकार ने इन सांप को बचान के लिए 1972 में अन्य पांच जीवों के साथ इसे भी संरक्षित जीव में रखा है.

दोमुंहे सांप का मांस खाने से बीमारियों का इलाज

मध्य एशिया के देशों में ऐसी मान्यता है कि दोमुंहे सांप का मांस खाने से व्यक्तियों की बीमारी ठीक हो जाती है. यहां ऐसा भी माना जाता है कि ऐसे सांपों के सेवन से पुरूषों की जवानी मौत होने तक बनी रहती है. इसके अलावा कुछ आदिम कबीलों की ऐसी भी मान्यता है कि इस सांप से सर्वशक्तिमान ईश्वरीय ताकत को भी अपने नियंत्रिण में किया जा सकता है.

वहीं चीनी मान्यताओं के अनुसार दोमुंहे सांप को खाने से सेक्स पावर बढ़ती है. साथ ही मलेशियन लोगों की यह मान्यता है कि जिसके पास दोमुंहा सांप होता है उसका भाग्योदय हो जाता है. दोमुंहा सांप भारत सहित ईरान और पाकिस्तान में पाया जाता है. वैज्ञानिकों के अनुसार यह शर्मिला सांप है, जो रेतीली मिट्टी में पाया जाता है.

मनुष्यों के लिए खतरा नहीं

यह सांप मनुष्यों से दूर भागता है. चूहे, कीड़े-मकोडे तथा छोटे जानवरों के शिकार पर यह सांप निर्भर करता है. यह सांप को लोगों के लिए खतरा नहीं होता है. अभी तक मनुष्यों को कटने का कोई मामला सामने नहीं आया है. वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट के अनुसार यह सांप शांत प्रवृति का होता है. जिसमें जहर की मात्रा न के बराबर होती है.

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित होने के बाद, इसके पाए जाने पर वन विभाग को जानकारी देना अनिवार्य है. जहां इस सांप का डॉक्युमेंटेशन होता है. इस सांप को मारना और तस्करी करना कानूनन अपराध है.

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