September 19, 2021

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UP:मथुरा पर योगी सरकार का बड़ा फैसला, कृष्ण जन्मस्थल के 10 km का इलाका तीर्थस्थल घोषित

मथुरा|उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शुक्रवार को मथुरा वृंदावन में कृष्ण जन्मस्थल को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने जन्मस्थल के 10 वर्ग किलोमीटर के दायरे को तीर्थस्थल घोषित किया है. बता दें कि इस इलाके में 22 नगर निगम वार्ड क्षेत्र आते हैं, जिसे तीर्थस्थल घोषित किया गया है.

पिछले महीने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में ही जन्माष्टमी भी मनाई थी, जिसके बाद तीर्थस्थल घोषित किए जाने का यह फैसला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जन्माष्टमी के कार्यक्रम में शामिल हुए योगी आदित्यनाथ ने कृष्ण जन्मस्थान पर पहुंचकर भगवान श्री कृष्ण के दर्शन किए थे.

मथुरा में मुख्यमंत्री ने कहा था कि पहले त्योहार में बधाई देने के लिए विधायक, मुख्यमंत्री यहां नहीं आते थे और जो पहले मंदिरों में जाने से डरते थे, वे अब कह रहे हैं कि राम मेरे हैं, कृष्ण भी मेरे हैं.

बता दें कि यूपी में तीर्थस्थलों के विकास का काम चल रहा है. अयोध्या, वाराणसी, मथुरा आदि में सुविधाएं पहले की मुकाबले बेहतर हो रही हैं. अयोध्या में डेढ़ साल पहले आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से जारी है. माना जा रहा है कि साल 2024 से पहले तक अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा.

 

वहीं, वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक काशी विश्वनाथ कॉरिडोर पर भी काम चल रहा है. इसके भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है.  कॉरिडोर के पूरा होने की वजह से मंदिर और उसके आसपास का इलाका और भी भव्य हो जाएगा और भक्त बिना किसी दिक्कत के आसानी से मंदिर में भगवान के दर्शन कर सकेंगे.

 

इन सबके बीच, यूपी सीएम ने राज्य में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का भी आदेश दिया है. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को गड्ढों को भरना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इसके लिए 20 सितंबर से 20 नवंबर के बीच ड्राइव भी चलाई जाएगी.

खबरदार! मथुरा ही नहीं… यूपी में इन जगहों पर भी शराब पीना और मांस का सेवन मना है

 

मथुरा में मांस और मदिरा पर योगी सरकार ने पाबंदी लगा दी है। ब्रज क्षेत्र में हर साल आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के सम्मान में यूपी सरकार ने यह फैसला लिया। सीएम कार्यालय के ट्विटर हैंडल से शुक्रवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी गई। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा आए थे। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर ठाकुरजी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने संतों की इच्छा के अनुरूप मथुरा में मांस और मदिरा की बिक्री पर रोक लगाने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि इससे प्रभावित लोग दुग्ध का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

 

वाराणसी

सांस्‍कृतिक नगरी वाराणसी के धार्मिक स्‍थलों पर इस साल अप्रैल में सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने शराब और मीट बेचने पर बैन लगा दिया था। उन्‍होंने आबकारी अफसरों को निर्देश दिया था कि काशी विश्‍वनाथ मंदिर के एक किलोमीटर के दायरे में शराब की बिक्री नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, अन्‍य धार्मिक स्‍थलों के आसपास भी मीट और शराब पर बैन है।

अयोध्या

रामनगरी अयोध्‍या के धार्मिक स्‍थलों के आसपास भी शराब और मीट बेचने पर बैन है। अयोध्‍या में छोटे-बड़े मिलाकर सैकड़ों धार्मिक स्‍थल हैं, जहां दर्शन करने के लिए देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। अयोध्‍या में इन दिनों भव्‍य राम मंदिर का निर्माण कार्य जोरों पर है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 तक यह मंदिर दर्शन के लिए तैयार हो जाएगा।

 

प्रयागराज

गंगा-यमुना के संगम वाले प्रयागराज के धार्मिक स्‍थलों के आसपास भी मांस और मंदिरा नहीं बेचा जा सकता है। स्‍थानीय प्रशासन को इस संबंध में सख्‍त आदेश दिए गए हैं। प्रयागराज का पहले इलाहाबाद नाम था। योगी सरकार ने नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया है। इस शहर में भी सैकड़ों धार्मिक स्‍थल हैं।

 

चित्रकूट

मंदाकिनी नदी के किनारे बसा हुआ चित्रकूट देश के सबसे प्राचीन तीर्थस्‍थलों में से एक है। चित्रकूट अपने प्राकृतिक दृश्‍यों के साथ आध्‍यात्मिक महत्‍व के लिए प्रसिद्ध है। कहते हैं कि अपने 14 साल के बनवास के दौरान भगवान राम ने सीता और लक्ष्‍मण के साथ यहां 11 साल 11 महीने और 11 दिन बिताए थे। यहां के धार्मिक स्‍थलों के आसपास भी मीट और शराब बेचने पर प्रतिबंध है।

 

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