September 19, 2021

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सच के साथ – समाचार

संतकबीरनगर |मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूबे के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी। कई जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो गए हैं। जिन जिलों में अभी इसकी शुरूआत नहीं हुई है वहां भी पीपीपी मॉडल से मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही गोरखपुर में एम्स बनकर तैयार हो गया है, जिसका लोकार्पण शीघ्र ही किया जाएगा। यह बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को संतकबीरनगर जिले के नव निर्मित जिला कारागार परिसर में जिला कारागार का लोकार्पण और अन्य योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में कही।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्व की सरकारों में प्रदेश में अपराधी खुलेआम घूमते थे और जमीनों पर कब्जा करते थे। भाजपा की सरकार बनने के बाद सबसे पहले भूमाफियाओं पर लगाम लगाई। कई बड़े माफियाओं के घरों पर बुलडोजर चलवाया। जिसके बाद माफिया प्रदेश छोड़कर फरार हो गए। कहा कि माफिया के लिए हमारा संदेश बिलकुल स्पष्ट है। माफिया यदि गरीब, किसान, व्यापारी का जीना हराम करेगा तो हमारी सरकार उसका जीना हराम कर देगी। उन्होंने कहा कि साढ़े चाल साल में साढे चार लाख बेरोजगारों को नौकरी दी। जो लोग योग्य थे उन्हे नौकरी मिली, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों में भाई भतीजावाद चलता था और सिफारिश पर नौकरी मिलती थी।

सीएम योगी आदित्यनाथ जिला कारागार के लोकार्पण कार्यक्रम में बारिश और बाढ़ के कारण जर्जर हो चुकीं सड़कों का भी जिक्र किया। उन्होंने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए डेडलाइन भी तय कर दी। बोले 15 सितंबर से पूरे सूबे में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान की शुरुआत होने जा रही है।

वैसे मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व खलीलाबाद के मेंहदावल बाईपास से लगायत कार्यक्रम स्थल तक की सड़क जर्जर हालत में थी। उनके आगमन की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने दिनरात एक कर दिए। पूरी सड़क गड्ढामुक्त हो गई। इसको लेकर लोगों में चर्चा होती रही। मंच पर भी जर्जर सड़क का मुद्दा उठा तो सीएम ने अपने संबोधन के दौरान इसका जिक्र किया और कहा कि बारिश व बाढ़ के चलते सड़कें जर्जर हो गई हैं। इसके लिए सरकार ने तय किया है कि 15 सितंबर से अभियान चलाकर सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए नवंबर माह की डेडलाइन तय की और कहा कि नवंबर में कोई भी सड़क बदहाल नहीं दिखेगी। चाहे व शहरी क्षेत्र की सड़क हो गया फिर ग्रामीण क्षेत्र की सड़क। इस पर खूब ताली बजी।

 

खलीलाबाद को रेडीमेड हब बनाने की अपार संभावना
उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारें विकास को लेकर कभी गंभीर नहीं रहीं। भाई भतीजावाद, जाति- पाति और दबंगई चरम पर थी, लेकिन जब से यूपी में भाजपा की सरकार बनी तब से विकास की गति तेज हुई है। इसमें संतकबीरनगर जिला भी शामिल है। उन्होंने कहा कि खलीलाबाद को रेडीमेड का हब बनाने की अपार संभावना है। इसके लिए संसाधन उपलब्ध कराने और मार्केट की व्यवस्था करने के लिए सरकार ने प्रयास किए हैं। आने-वाले दिनों में बखिरा का वर्तन उद्योग भी पूरी दुनिया में अपनी पहचान कायम करेंगे। इसके लिए कलस्टर योजना शुरू की गई है।

तामेश्वरनाथ धाम और मगहर की जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा तामेश्वरनाथ में पर्यटन विकास की परियोजनाएं शुरू की गई है। आगे यहां की जरूरतों के हिसाब से विकास किया जाएगा,  जबकि मगहर में सूफी संत कबीर की स्थलीय पर दो वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो विकास की नींव रखी थी, उनमें से अधिकतर कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जल्द ही इन परियोजनाओं का लोकार्पण होगा। मुख्यमत्री ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के पूर्व पूर्वांचल में जापानी बुखार से मासूमों की मौत होती थी, लेकिन अब इस पर अंकुश पा लिया गया है। कोरोना काल में सरकार ने बेहतर प्रबंधन कर महामारी को रोकने का प्रयास किया। अन्य राज्यों की तुलना में कोरोना के मामले सूबे में कम हुए हैं। इसके लिए कोरोना योद्धा बधाई के पात्र हैं।

युवाओं को दिया जाएगा यात्रा भत्ता
मउख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को यात्रा भत्ता दिए जाने का निर्णय लिया गया है, जबकि स्नातक, परास्नातक, इंजीनियरिंग, फार्मेसी करने वाले छात्रों को टेबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री उपलब्ध हो, इसके लिए जनप्रतिनिधियों को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने साढे चार लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरी प्रदान की है।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बंद खलीलाबाद चीनी मिल को चलाने के संबंध में कुछ नहीं कहा

संतकबीर नगर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बंद खलीलाबाद चीनी मिल को चलाने के संबंध में कुछ नहीं कहा। हालांकि धनघटा के विधायक व कृषि, विपणन, उद्यान राज्यमंत्री श्रीराम चौहान ने गन्ना दर बढ़ाने, पूरा भुगतान करने की बात कही। लेकिन बंद चीनी मिल पर उन्होंने भी कुछ नहीं बोला। जनपद के किसानों को सीएम के जनपद दौरे से काफी उम्मीदें थी। इन्हें झटका लगा है।

वर्ष 1939 में स्थापित हुई और दिसंबर-2015 में बंद हुई खलीलाबाद चीनी मिल को चालू करने के बारे में मुख्यमंत्री से लोगों को उम्मीद थी कि शायद मुख्यमंत्री इस बंद चीनी मिल को चालू करने के लिए सार्थक पहल करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में इस बंद चीनी मिल को चालू करने के वायदे किए गए थे। इंतजार में कई साल गुजर गए लेकिन यह चीनी मिल चालू नहीं हो पाई। गन्ने की खेती से तमाम किसान अपने बेटा-बेटी, परिवार के अन्य सदस्यों की शादी करते रहे। बच्चों की पढ़ाई व घर का खर्च चलाते थे। इनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में गन्ने की खेती का महत्वपूर्ण योगदान है। जब से खलीलाबाद मिल बंद हुई, तब से कई किसानों ने इसकी खेती करनी छोड़ दी। वहीं जो किसान इसकी खेती कर रहे हैं, पहले की अपेक्षा कम रकबे में खेती कर रहे हैं। खलीलाबाद ब्लाक के कटहरिया गांव के किसान हनुमान चौधरी, दयाशंकर चौधरी सहित अन्य किसानों का कहना है कि उन्हें सीएम के जनपद दौरे से चीनी मिल के चालू करने के लिए सार्थक पहल होने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

 

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