January 16, 2021

Such Ke Sath

सच के साथ – समाचार

परिषदीय स्कूलों के फर्जीवाड़े की जांच में एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) को सफलता मिली है। संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कस्बे से गिरफ्तार किए गए एक फर्जी शिक्षक को लेकर एसटीएफ की टीम मंगलवार को बस्ती पहुंची। यहां जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय में पहचान और पुष्टि कराने के बाद उसे कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। 

बस्ती|गोरखपुर के युवक की डिग्री के सहारे बस्ती में प्राथमिक विद्यालय का प्रधानाध्यापक बने संतकबीरनगर के जालसाज को एसटीएफ लखनऊ ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कबूल किया कि वह दूसरे के नाम पर जारी शैक्षिक दस्तावेज के सहारे पिछले करीब 12 साल से बस्ती में शिक्षा विभाग में कार्यरत है। फर्जी शिक्षक समेत चार के विरुद्ध एसटीएफ के इंस्पेक्टर की तहरीर पर कोतवाली बस्ती में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। बीएसए ने भी निलंबन के साथ ही अन्य विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है

एसटीएफ लखनऊ को काफी दिनों से सूचना मिल रही थी कि बस्ती जिले के रुधौली थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कथकपुरवा में एक व्यक्ति फर्जी दस्तावेज के सहारे बतौर प्रधानाध्यापक कार्यरत है। विस्तृत जानकारी जुटाने के बाद सोमवार की शाम एसटीएफ लखनऊ की टीम ने इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार वर्मा के नेतृत्व में संतकबीरनगर जिले में कोतवाली अंतर्गत बरदहिया बाजार रोड रेलवे क्रॉसिंग पास एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम दीपक कुमार सिंह पुत्र दिनेश सिंह निवासी मोहद्दीपुर थाना कैंट गोरखपुर बताया।

 

सख्ती बरतने पर दीपक ने बताया कि उसका असली नाम शेषनाथ सिंह पुत्र स्व. रामवृक्ष सिंह है। वह ग्राम गजपुर कोतवाली खलीलाबाद, जिला संतकबीरनगर का रहने वाला है। हाईस्कूल संतकबीरनगर से, इंटर देवरिया और बीएससी केडीसी बस्ती से उत्तीर्ण की है। खेती-किसानी करने के दौरान 2005-06 में मुखलिसपुर चौराहे पर यदुनंदर यादव निवासी ग्राम हरदी गोरखपुर से मुलाकात हुई तो उसने 50 हजार रुपये देने पर सरकारी शिक्षक की नौकरी दिलाने की बात कही। यदुनंदन ने इस्माइल बाबू नामक व्यक्ति से दीपक कुमार सिंह का शैक्षिक दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए 2007 में फार्म भरवाया था।

शेषनाथ सिंह ने बताया दीपक के फर्जी दस्तावेज पर 2009 में सहायक अध्यापक पद पर विक्रमजोत ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय सिन्दुरिया पर तैनाती मिली। 2013 में पदोन्नति होने पर प्राथमिक विद्यालय कथकपुरवा रुधौली में प्रधानाध्यापक बना। अभी पिछले दिनों एबीएसए रुधौली द्वारा जांच के लिए शैक्षिक दस्तावेज तलब किए जाने पर पकड़े जाने की आशंका पर मेडिकल अवकाश पर चला गया।

यूं सामने आया फर्जी शिक्षक का असली चेहरा

फर्जी शिक्षक पैनकार्ड नंबर बदलने के चक्कर में फंस गया। विभाग की तरफ से शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई। नोटिस जारी कर उससे दीपक सिंह के नाम के सभी शैक्षणिक अभिलेख मांगे गए। बचने को मेडिकल अवकाश पर चला गया। इस बीच पूरे मामले की जानकारी असली दीपक सिंह को हो गई। उन्होंने इसकी शिकायत एसटीएफ से कर दी। इस क्रम में जांच करते हुए एसटीएफ की टीम मंगलवार को फर्जी शिक्षक की तलाश में खलीलाबाद पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने के बाद वह खुद को दीपक कुमार सिंह निवासी मोहद्दीपुर,गोरखपुर बताता रहा। एसटीएफ भी थोड़े देर के लिए असमंजस में पड़ गई। मंगलवार को फर्जी शिक्षक की पहचान कराने एसटीएफ की टीम बीएसए आफिस बस्ती में पहुंची। रुधौली के खंड शिक्षाधिकारी ने भी फर्जी शिक्षक की पहचान दीपक कुमार सिंह के रूप में की। एसटीएफ ने थोड़ी कड़ाई की तो वह टूट गया और बीएसए आफिस में ही खुद को शेषनाथ सिंह बताया।

नौकरी बचाने के लिए तीन लाख रुपये मांग रहा था

फर्जी प्रधानाध्यापक शेषनाथ सिंह ने बताया कि मेडिकल अवकाश पर रहने के दौरान गोरखपुर के रहने वाले दयाशंकर सिंह से मुलाकात हुई। फर्जी शैक्षिक दस्तावेज पर नौकरी कर रही एक सहायक अध्यापिका के निलंबन की खबर की पेपर कटिंग दिखाते हुए तीन लाख रुपये मांगे। एक लाख रुपये एडवांस और दो लाख रुपये काम हो जाने के बाद मांगा। नहीं तो फंसा देने की धमकी दी। शेषनाथ ने बताया कि उसी के बाद से वह और डर गया। पैसा नहीं देने पर दयाशंकर उसे वाट्सअप पर धमकी भरा मैसेज भेजता रहा।

50 हजार में पाई थी नौकरी

शेषनाथ सिंह को यह नौकरी पचास हजार रुपये में मिली थी। दीपक कुमार सिंह के शैक्षिक दस्तावेज गोरखपुर के यदुनंदन यादव ने बस्ती के इस्माइल बाबू के माध्यम से उपलब्ध कराए थे। वर्ष 2006-07 में इसने बस्ती से शिक्षक भर्ती में आवेदन किया था और वर्ष 2009 में चयनित हो गया। वर्ष 2013 में प्रोन्नति पाकर हेडमास्टर बन गया। तब से कथकपुरवा में नौकरी कर रहा था। दूसरी तरफ इस मामलें में फंसे फर्जी शिक्षक को बचाने का ठेका लेकर गोरखपुर के दयानंद एसटीएफ की जांच में फंस गए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक चैनल में कार्यरत हैं असली दीपक सिंह

एसटीएफ के मुताबिक, असली दीपक सिंह से बातचीत करने पर पता चला कि वह गोरखपुर में कैंट थानांतर्गत मोहद्दीपुर रामनगर कालोनी के रहने वाले हैं। मौजूदा समय नोएडा में एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल में बतौर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। बताया कि एमएससी तक की पढ़ाई उन्होंने गोरखपुर से और बीएड देवरिया से 2001 में उत्तीर्ण की है।

फर्जी शिक्षक समेत चार पर मुकदमा

विभूतीखंड, लखनऊ एसटीएफ हेडक्वार्टर के इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार वर्मा की तहरीर पर कोतवाली बस्ती ने फर्जी शिक्षक शेषनाथ सिंह निवासी गजपुर खलीलाबाद संतकबीरनगर, यदुनंदन यादव निवासी हरदी गोरखपुर, दयाशंकर सिंह पुत्र विश्वनाथ सिंह निवासी गोरखपुर और इस्माइल बाबू निवासी बस्ती के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक मोबाइल, एक वोटर कार्ड और 1200 रुपये बरामद हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights Reserved with Suchkesath. | Newsphere by AF themes.