September 19, 2021

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Up Eclection 2022:बसपा सुप्रीमो मायावती ने बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को टिकट न देकर एक तीर से दो निशाने साधे

Up Eclection 2022:बसपा सुप्रीमो मायावती ने बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को टिकट न देकर एक तीर से दो निशाने साधे

UP Election 2022: अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान सभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) से पहले बीएसपी प्रमुख मायावती (Mayawati) ने बाहुबली मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) का टिकट काट दिया है और उनकी जगह मऊ विधान सभा सीट से भीम राजभर (Bhim Rajbhar) का नाम फाइनल किया है.

लखनऊ |बसपा सुप्रीमो मायावती ने बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को टिकट न देकर एक तीर से दो निशाने साधे हैं। पहला, उनके बड़े भाई सिगबतुल्लाह अंसारी के सपा में जाने के बाद बसपा को यह लग रहा है कि मुख्तार भी देर-सबेर सपा का दामन थाम लेंगे। दूसरा, अन्य दल भी राजभर वोटों को साधने के लिए जोर लगाए हैं और मऊ सीट पर राजभरों का वोट काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में बसपा प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर को यहां से टिकट देकर राजभरों को साधने की कोशिश की है।

मायावती ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि पार्टी का पूरा प्रयास रहेगा कि विधानसभा चुनाव में किसी भी बाहुबली या माफिया को चुनाव न लड़ाया जाए। पार्टी के प्रभारी भी उम्मीदवारों का चयन करते समय इसका ध्यान रखें। वहीं, सियासी गलियारों में चर्चा है कि मुख्तार परिवार की सपा से नजदीकी के चलते मायावती उनसे बेहद नाराज हैं। मुख्तार के तीसरे भाई अफजाल अंसारी गाजीपुर से बसपा सांसद हैं।

गौरतलब है कि मुख्तार को बसपा ने वर्ष 2017 के चुनाव में मऊ से जबकि उनके बेटे अब्बास अंसारी को घोसी विधानसभा से चुनाव लड़ाया था। मुख्तार चुनाव जीत गए थे और अब्बास चुनाव हार गए थे।

 

यूपी की तस्वीर बदलना है बीएसपी का संकल्प’

 

बीएसपी प्रमुख ने ट्वीट कर कहा, ‘बीएसपी का संकल्प ‘कानून द्वारा कानून का राज’ के साथ ही यूपी की तस्वीर को भी अब बदल देने का है ताकि प्रदेश व देश ही नहीं बल्कि बच्चा-बच्चा कहे कि सरकार हो तो बहनजी की ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ जैसी तथा बीएसपी जो कहती है वह करके भी दिखाती है यही पार्टी की सही पहचान भी है.’

पहले भी चुनावी रण में हो चुका है आमना-सामना
मुख्तार अंसारी और भीम राजभर चुनावी रण में पहले भी एक दूसरे के खिलाफ ताल ठोंक चुके हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में मऊ सदर सीट से बसपा ने भीम राजभर को मुख्तार के खिलाफ चुनाव लड़ाया था। उस समय बसपा में रहे मुख्तार व उनके भाई अफजाल ने बगावत कर कौमी एकता दल का गठन किया था।

मुख्तार ने अपना दल से चुनाव लड़ा था और बसपा के प्रत्याशी भीम राजभर ने तगड़ी चुनौती दी थी। हालांकि मुख्तार छह हजार वोटों से चुनाव जीत गए थे।

मायावती ने न दिया भाव तो AIMIM का मुख्तार अंसारी को टिकट देने का खुला ‘ऑफर’,

मायावती के साइडलाइन करने पर बोले मुख्तार अंसारी- हमारी ताकत सियासी दल नहीं जानते, जेल में रह भी पांच बार बना MLA

 

उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव पास आ रहे हैं सभी दल खुद को खास दिखाने की कोशिश में लग गए हैं। बीएसपी एक तरफ प्रबुद्ध सम्मेलन करके ब्राह्मणों को रिझाने का प्रयास कर रही है तो दूसरी बार उसने बड़ा ऐलान यह किया है कि इस बार किसी भी बाहुबली या माफिया को विधानसभा का टिकट नहीं दिया जाएगा। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि मुख्तार अंसारी को भी इस बार बसपा से टिकट नहीं मिलेगा।

मायावती के बयान के बाद मुख्तार अंसारी ने भी पलटवार किया है। अंसारी ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां शायद मेरी ताकत नहीं जानती। उन्होंने एक तरह से मायावती को चुनौती दी है। अंसारी ने ट्वीट में कहा कि वह किसी पार्टी पर ज्यादा भरोसा नहीं करते हैं। उन्होंने कहा, ‘जनता ने कुल पाँच बार विधायक बनाया। दो बार निर्दल उम्मीदवार के रूप में आने पर भी विधायक चुना,जेल में रह कर भी भारी मतों से विजयी बनाया। हमारी ताक़त कोई सियासी पार्टी नही हमारी जनता है जो हमारी है और हम जनता के हैं।’

 

 

बता दें कि मऊ विधानसभा सीट से मुख्तार अंसारी रिकॉर्ड पांच बार विधायक रह चुके हें। इस बार मायावती ने उनका टिकट काटकर प्रदेश बसपा अध्यक्ष भीम राजभर को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इसके बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने उन्हें खुला ऑफर दिया। पार्टी के यूपी चीफ ने कहा कि जब तक अंसारी सजायाफ्ता नहीं हैं तब तक उन्हें अपराधी नहीं माना जा सकता। उन्होंने भाजपा नेताओं पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनके 37 फीसदी विधायकों पर आपराधिक मामले हैं।

 

 

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