September 27, 2022

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UPSC Result 2021: अंग्रेजी का मिथक टूटा, राजस्थान के होनहारों ने बढ़ाया हिंदी का मान, टॉप-25 में 2 ने बनाई जगह

न्यूज डेस्क 01 जून :सिविल सेवा परीक्षा 2021 का परिणाम जारी हो गया है जिसमें टॉप-50 में हिंदी माध्यम से 2 लोगों ने बाजी मारी है. 10 साल के लंबे अंतराल के बाद हिंदी माध्यम से राजस्थान के दो होनहारों ने आईएएस बनकर हिंदी का मान लौटाया है. श्री गंगानगर जिले से रवि सिहाग (ravi sihag) को यूपीएससी में 18वीं और जयपुर के सुनील धनवंता (sunil dhanwanta) ने 22वीं हासिल की है, दोनों का ही हिंदी माध्यम (hindi medium) से सिविल सेवा में चयन हुआ है. बता दें कि इससे पहले 2014 में हिंदी माध्यम से 13वीं रैंक के साथ वर्तमान जालौर कलेक्टर निशांत जैन आईएएस बने थे. हालांकि जैन के चयन के बाद सिविल सेवा में हिंदी को लेकर उत्साह बढ़ा था लेकिन 2016 में कुछ लोगों का चयन होने के बाद वापस हिंदी माध्यम को लेकर सूखा पड़ गया था और हिंदी से तैयारी करने वालों को कम सफलता मिल रही थी. ऐसे में कि रवि और सुनील ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आईएएस बनने के लिए अंग्रेजी माध्यम अनिवार्य नहीं है.

बता दें कि जालौर कलेक्टर निशांत जैन का 2014 में 13वीं रैंक से चयन हुआ था, जैन से पहले 10 साल तक कोई टॉप-50 में नहीं रहा है. उससे पहले किरण कौशल ने तीसरी रैंक हासिल की थी. वहीं 2011 से सिविल सेवा का नया पैटर्न जारी किया गया जिसके बाद ही निशांत जैन हिंदी माध्यम से सिविल सेवा में चयनित हुए थे.

तीसरे प्रयास में रवि को मिली सफलता

श्री गंगानगर की विजयनगर तहसील के रहने वाले रवि सिहाग को 18वीं रैंक मिली है. रवि सिहाग फिलहाल इंडियन डिफेंस अकाउंट सर्विस में उप वित्तीय सलाहकार हैं. वह रेलवे प्रोटेक्शन सर्विस में चयन के बाद लखनऊ में ट्रेनिंग ले रहे हैं. रवि के पिता रामकुमार किसान और माता विमला 8वीं पास हैं. रवि की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल में पूरी हुई है.

बता दें कि रवि ने उच्च शिक्षा तक सारी पढ़ाई हिंदी माध्यम से पूरी की है. 2018 में 337वीं रैंक मिलने पर इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस में चयन हुआ था लेकिन रवि ने ज्वाइन नहीं किया. इसके बाद 2019 में 317 वीं रैंक मिली और अब तीसरे प्रयास में रवि ने 18वीं रैंक हासिल की है.

जयपुर के सुनील को मिली 22वीं रैंक

वहीं जयपुर के जयसिंहपुरा स्थित सूरजपुरा के रहने वाले सुनील धनवंता ने 22वीं रैंक हासिल की है जो हिंदी माध्यम से हैं. सुनील धनवंता फिलहाल हैदराबाद पुलिस एकेडमी में आईपीएस की ट्रेनिंग ले रहे हैं. 2018 में चयन के बाद वह लगातार 4 बार परीक्षा दे चुके हैं लेकिन हर बार सफल रहे. हाल में सुनील की शादी हुई है और उनकी पत्नी नीता धवल भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के तहत दिल्ली विदेश मंत्रालय में अपर सचिव हैं.

4 बार यूपीएससी परीक्षा में हुए पास
सुनील ने 2018 से लगातार चार बार यूपीएससी की परीक्षा दी। जिसमें हर बार सफलता प्राप्त की। 2018 में देशभर में 697 वीं रैक प्राप्त की, जिस पर भारतीय रेलवे अकाउंट सर्विस में नौकरी मिली। जहां गुजरात व फरीदाबाद में ट्रेनिंग पर रहे। 2019 में यूपीएससी में देशभर में 662 वीं रैक प्राप्त की, जिस पर आईपीएस कैडर मिला।

इसी प्रकार 2020 में 682वीं रैंक प्राप्त की। वर्तमान में 2019 के आईपीएस कैडर को लेकर सरदार पटेल राष्ट्रीय पुलिस एकेडमी हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रहे है। सोमवार को जारी हुए 2021 के यूपीएससी परिणामों में सुनिल ने देशभर में 22 वीं रैंक प्राप्त करते हुए गांव सहित विराट नगर तहसील का नाम रोशन किया। सुनील की सफलता पर गांव में खुशी की लहर है। ग्रामीणों ने घर पहुंचकर परिजनों को बधाई दी।

गौरतलब है कि सिविल सेवा परीक्षा के लिए हिंदी में तैयारी करने वालों को पढ़ने के लिए बहुत कम सामग्री मिलती है, वहीं कम गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें रहती है. इसके अलावा राजस्थान से अलवर के मुकुल को 59वीं रैंक और सीकर के नीमकाथाना के प्रीतम कुमार जाखड़ ने 9वीं रैंक हासिल की है.

युवाओं को हार्डवर्क करते रहने का दिया संदेश
आईएएस सुनिल ने बताया कि सफलता के पीछे माता-पिता, गुरुजनों व पत्नी का पूरा सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि युवा किसी भी प्रकार से भटकाव की स्थिति में ना आए। लगातार मेहनत करते रहे। एक दिन सफलता अवश्य मिलती है। बताया कि मेरा सपना आईएएस बनने का था जो मैने पूरा कर लिया है। अब देश सेवा को सपना है जो आगे पूरा करुंगा।

 

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