September 19, 2021

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Vijay Rupani resigns:गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का इस्तीफ़ा

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का इस्तीफ़ा
उत्तराखंड और कर्नाटक के बाद गुजरात में भी बीजेपी को चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बदलना पड़ा है। कुल मिलाकर बीजेपी में सबकुछ ठीक नहीं है।
नई दिल्ली|इसे बीजेपी के मुख्यमंत्रियों का फेल्यर कहा जाए या कुछ और, उत्तराखंड और कर्नाटक के बाद गुजरात में भी बीजेपी को चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बदलना पड़ा है।गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शनिवार को पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राज्य में विधानसभा चुनाव से लगभग सवा साल पहले अपना त्यागपत्र राज्यपाल को सौंप दिया।

गुजरात की 182 सदस्यीय विधानसभा के लिये चुनाव दिसंबर 2022 में होने हैं।

रूपाणी (65) ने दिसंबर 2017 में दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

उन्होंने शनिवार को राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मिलने और अपना इस्तीफा सौंपने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पांच साल तक राज्य की सेवा करने का अवसर दिया गया। अब मेरी पार्टी जो काम देगीमैं उसे करुंगा।’’

इस्तीफा देने के बाद विजय रुपाणी ने लिखित बयान पढ़ते हुए कहा, ‘बीजेपी ने मुझे गुजरात के मुख्यमंत्री जैसी अहम जिम्मेदारी दी. मैंने इस दायित्व को अच्छी तरह से निभाते हुए अपने कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विशेष मार्गदर्शन मिलता रहा है. प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में गुजरात समग्र विकास तथा सर्वजन कल्याण के पथ आगे बढ़ते हुए नए आयामों को छुआ है.’

विजय रुपाणी ने पीसी में भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में कहा, ‘गुजरात के विकास की यात्रा में गत 5 वर्षों में मुझे योगदान करने का जो अवसर मिला उसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत आभारी हूं, आभार प्रकट करता हूं.’ उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि अब गुजरात के विकास की यह यात्रा प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) के नेतृत्व में एक नए उत्साह व नई उर्जा के साथ नए नेतृत्व में आगे बढ़नी चाहिए. यह ध्यान रखकर मैं गुजरात के मुख्यमंत्री पद के दायित्व से त्यागपत्र दे रहा हूं.’

कुल मिलाकर बीजेपी में सबकुछ ठीक नहीं है। आपको याद होगा इससे पहले उतराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से इस्तीफा लेकर पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाया गया। उत्तराखंड में कुछ ही समय के भीतर ये तीसरे मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत से इस्तीफ़ा लेकर ऐन कोविड काल में तीरथ सिंह रावत को गद्दी सौंपी गई। लेकिन फिर चुनाव से कुछ पहले ही जुलाई में तीरथ सिंह रावत को भी बदलने की नौबत आ गई और फिर पुष्कर सिंह धामी को कुर्सी सौंपी गई। उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश के साथ ही 2022 की शुरुआत में चुनाव होने हैं।

इसी तरह अभी जुलाई अंत में कर्नाटक में बीएस. येदियुरप्पा के इस्तीफा देने के बाद बीजेपी ने बसवराज एस बोम्मई को मुख्यमंत्री बनाया है। हालांकि कर्नाटक में चुनाव 2023 में होने हैं।

उत्तर प्रदेश में भी मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाएं चलीं, लेकिन वे परवान नहीं चढ़ीं। लेकिन इतना कहा जा सकता है कि बीजेपी नेतृत्व उत्तर प्रदेश में भी अगले चुनाव में सफलता को लेकर आश्वस्त नहीं है, बल्कि बुरी तरह आशंकित ही है।

 

‘जो भी जवाबदारी मिलेगी करूंगा’

इस्तीफा देने के बाद विजय रुपाणी ने कहा, ‘संगठन और विचारधारा आधारित दल होने के नाते भारतीय जनता पार्टी की यह परंपरा है कि समय के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के दायित्व भी बदलते रहे हैं. यह हमारी पार्टी की विशेषता है कि जो दायित्व पार्टी द्वारा दिया जाता है, पूरे मनोयोग से पार्टी कार्यकर्ता उसका निर्वहन करते हैं. मुख्यमंत्री के रूप में मिले दायित्व का निर्वहन करने बाद अब मैंने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देकर पार्टी के संगठन में नई ऊर्जा के साथ काम करने की इच्छा जताई है. अब मुझे पार्टी द्वारा जो भी जवाबदारी दी जाएगी उसका मैं संपूर्ण दायित्व और नए ऊर्जा के साथ प्रधानमंत्री के नेतृत्व एवं माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष के मार्गदर्शन में काम करूंगा.’

उन्होंने कहा, ‘मैं गुजरात की जनता के प्रति भी आभार व्यक्त करता हूं कि विगत पांच वर्षों में हुए उपचुनाव हों अथवा स्थानीय निकाय के चुनाव हों, पार्टी और सरकार को गुजरात की जनता का अभूतपूर्व समर्थन, सहयोग और विश्वास मिला है. गुजरात की जनता का विश्वास भारतीय जनता पार्टी की ताकत भी बनी है और मेरे लिए लगातार जनहित में काम करते रहने की उर्जा भी रहा है.’

‘सभी के सहयोग का आभार’

विजय रुपाणी ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रशासन के चार आधार भूत सिद्धांतों पारदर्शिता, विकासशीलता, संवेदनशीलता एवं निर्णायकता के आधार पर जनता की सेवा करने का यथाशक्ति  प्रयत्न किया है. इस कार्य में मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों, विधानसभा के सभी सदस्यों, पार्टी कार्यकर्ताओं एवं जनता का संपूर्ण सहयोग मिला है. मैं सभी का इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त करता हूं.

रुपाणी ने कोरोना के दौर को याद करते हुए कहा, ‘कोरोना के कठिन समय में हमारी सरकार ने दिन-रात अथक मेहनत कर गुजरात की जनता को यथासंभव सुरक्षित रखने का प्रयत्न किया है. साथ ही टीकाकरण के काम में भी गुजरात अग्रसर रहा है और हमने इसमें बहुत सारे नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिसका मुझे बहुत संतोष है.’

विजय रुपाणी ने कहा, ‘पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुझे प्रशासनिक विषयों में नए अनुभवों को जानने-समझने का अवसर मिला है तथा  पार्टी के कामकाज में भी उनका सहकार व सहयोग मेरे लिए अमूल्य है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का सहयोग और मार्गदर्शन भी मेरे लिए अटूट रहा है. मेरे त्यागपत्र से गुजरात में पार्टी के नए नेतृत्व को अवसर मिलेगा तथा हम सब एकजुट होकर माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में गुजरात की इस विकास यात्रा को नई उर्जा, नए उत्साह, नए नेतृत्व के साथ आगे लेकर जाएंगे.’

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