August 4, 2021

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World Day Against Child Labour 2021: हर साल क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड डे अगेंस्ट चाइल्ड लेबर? पढ़ें इसका इतिहास और महत्व

हर साल 12 जून को पूरी दुनिया में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसकी शुरुआत 2002 में अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ ने की थी. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से श्रम न कराकर उन्हें शिक्षा दिलाने के लिए जागरूक करना है.

 

वर्ल्ड डे अगेंस्ट चाइल्ड लेबर का महत्व

12 जून को बाल श्रम की समस्या के खिलाफ विश्व दिवस के रूप में चिह्नित किया गया है और बाल श्रम की समस्या पर ध्यान दिया गया है ताकि इसे मिटाने या इसके खिलाफ लड़ने के तरीके खोजे जा सकें. बच्चों को जबरन श्रम में धकेल दिया जाता है, मादक पदार्थों की तस्करी और वेश्यावृत्ति जैसी अवैध गतिविधियों के लिए बच्चों को मजबूर किया जाता है. इस वजह से लोगों को बाल श्रम की समस्या के बारे में जागरूक करने और उनकी मदद करने के लिए इस दिवस को मनाया जाता है.

 

हर साल रखी जाती अलग थीम

हर साल वर्ल्ड डे अगेंस्ट चाइल्ड लेबर की थीम डिसाइड की जाती है. 2019 में इसकी थीम ‘बच्चों को खेतों में काम नहीं, बल्कि सपनों पर काम करना चाहिए’  रखी गई थी. ऐसे ही 2020 में इसकी थीम ”बच्चों को कोविड-19 महामारी” रही. कोविड-19 महामारी के फैलने के कारण कई देशों में लॉकडाउन की स्थिति उत्पन्न हुई, इससे कई लोगों की जिंदगी पर असर पड़ा और इस वजह से कई बच्चों की जिंदगी भी प्रभावित हुई है, ऐसी स्थिति में बहुत से बच्चों को बाल श्रम की ओर धकेला भी गया . इस वजह से बाल श्रम के खिलाफ विश्व दिवस 2021 की थीम ”कोरोनावायरस के दौर में बच्चों को बचाना” रखी गई. यह दिवस इसलिए भी अहम है क्योंकि यह बच्चों के विकास और उनके हक के लिए आवश्यक चीजों की और ध्यान केंद्रित करता है.

 

बाल श्रम के खिलाफ विश्व दिवस का इतिहास (World Day Against Child Labour History)

5 से 17 आयु वर्ग के कई बच्चे ऐसे काम में लगे हुए हैं जो उन्हें सामान्य बचपन से वंचित करते हैं, जैसे कि पर्याप्त शिक्षा, उचित स्वास्थ्य देखभाल, अवकाश का समय या बस बुनियादी स्वतंत्रता. 2002 में, संयुक्त राष्ट्र की संस्था जो काम की दुनिया को नियंत्रित करती है, इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन ने इसी वजह से वर्ल्ड डे अगेंस्ट चाइल्ड लेबर लॉन्च किया.

एक आशंका यह भी

आईएलओ की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कोविड-19 महामारी के कारण साल 2022 तक करीब 90 लाख बच्चों को बाल श्रम में झोंके जाने का जोखिम है. एक सिम्यूलेशन मॉडल दर्शाता है कि अगर उन्हें समुचित सामाजिक संरक्षण नहीं मिल सका यह संख्या 4.6 करोड़ तक पहुंच सकती है. ऐसे में बाल श्रम विरोध के लिए हो रहे प्रायासों में कमी और नाकामी और नुकसानदायक हो सकती है.

 

महामारी के दौरान चल रहे लॉकडाउन पर सीधा असर बच्चों पर पडा है. स्कूल बंद हैं और जो बच्चे पहले से ही बाल मजूदरी में लगे थे उनकी हालत और भी ज्यादा खराब हो गई है. अब वे या तो ज्यादा लंबे समय तक काम करेंगे या फिर और भी खराब हालातों में काम करेगें. वहीं ऐसे बच्चों की संख्या भी तेजी से बढ़ेगी जिनके परिवार में रोजगार नहीं हैं और वे बाल मजदूरी में धकेल दिए जाएंगे.

 

देश का भविष्य, देश के बच्चों के हाथों में होता है। आइए इस विश्व बालश्रम निषेध दिवस पर हम सब मिलकर #बालश्रम रोकने का संकल्प लें व बालश्रम पर पूर्णतया रोक लगाने का काम करें।#WorldDayAgainstChildLabour
#बालश्रम सभ्य समाज के लिए #अभिशाप है, आइए निरंतर प्रयास से बचपन बचाएं #WorldDayAgainstChildLabour पर #बाल_श्रम की समस्या को समाप्त करने का #संकल्प लें।
बच्चे राष्ट्र की सम्पति एवं समाज की अमूल्य धरोहर है, इनका सरंक्षण और संवर्धन हम सबकी जिम्मेदारी है।
हमे अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए #बालश्रम को रोकने का हर सम्भव प्रयास करना चाहिये।
#विश्व_बाल_श्रम_निषेध_दिवस।
बच्चे देश का भविष्य होते है,हमारा दायित्व है कि उन्हें बेहतर आज दे ताकि सुनहरे कल का निर्माण हो सके।आइये आज विश्व बालश्रम निषेध दिवस के अवसर पर संकल्प ले कि बालश्रम को रोकने मे हम अपनी सामाजिक भागीदारी को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ निभाते हुए #बालश्रम के विरुद्ध आवाज को बुलंद करें।
बचपन सीखने और समझने का समय होता है,
काम और जिम्मेदारी के बोझ तले
दब जाने का नहीं।
#बालश्रम पूरी तरह बन्द हो।
#WorldDayAgainstChildLabour
उम्र हैं किताब उठाने की
जिंदगी का बोझ उठा रहा हैं
एक बच्चा बचपन बेचकर
जिंदगी कमा रहा हैं।।
बालश्रम सभ्य समाज के लिए अभिशाप है, आइए निरंतर प्रयास से नौनिहालों का बचपन बचाएं तथा विश्व_बाल_श्रम_निषेध_दिवस पर बाल_श्रम की समस्या को समाप्त करने का संकल्प लें।
जिम्मेदारी एक ऐसी बीमारी है
जो मरने का अधिकार छीन लेती है…
#बालश्रम
गरीब का बच्चा पिता के काम-धंधे में हाथ बंटाये तो #बालश्रम।
अमीर का बच्चा फिल्मों में नाच गाना करे तो बाल-कलाकार..
ये फर्क क्यों ???
बालश्रम एक ऐसा अभिशाप है,
जो बच्चों के सुनहरे बचपन को छीन लेता है।
बच्चों को एक बेहतर #भविष्य देना हम सबका दायित्व है।
आइये,
विश्व_बाल_श्रम_निषेध_दिवस पर इस सामाजिक_बुराई को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लें।
#विश्व_बाल_श्रम_निषेध_दिवस
बाल मजदूरी एक पाप है,
जिसके ज़िम्मेदार हम-आप हैं।
बच्चों को बचपन की उड़ान दें,
बालश्रम रोक उनके चेहरे पर मुस्कान दें।
बाल मजदूरी एक भूल है,
हर समस्या का यह मूल है।
बच्चा-बच्चा करे यही पुकार,
अब और नहीं सहेंगे बाल मजदूरी का वार।
बच्चों को पढ़ाओ,
बाल मजदूरी हटाओ।
बाल श्रम पर प्रतिबंध लगाओ,
बच्चों का जीवन बचाओ।
चलो एक अच्छा काम करें,
एक बच्चे को बाल मजदूरी से हटाए।
मत करो कोमल हाथों पर इतना अत्याचार,
नहीं सह पाएंगे बजरी और कंकर की मार।
हाथ में उसको कलम का आना अच्छा लगता है,
उसको भी स्कूल को जाना अच्छा लगता है,
बड़ा कर दिया मजबूरी ने वक्त से पहले वरना,
सर पर किसको बोझ उठाना अच्छा लगता है।
बाल मजदूरी एक व्यापार है,
बचपन को जीना सभी बच्चों का अधिकार है।
बाल मजदूरी को हमेशा के लिए मिटाएं,
बच्चों व खुद को शिक्षित बनाएं।
निश्छ्ल मन में स्वार्थ का बीज ना बोना,
बहुत नाजुक होता है बच्चों के मन का कोना।
इनके बचपन में जो ना रंग भर सको ना सही,
पर इनके बचपन को छीनने का हक भी तुम्हें नहीं।
बालश्रम एक संगीन अपराध है,
इसके दोषी समाज में एक श्राप हैं।
बच्चे है देश की शान,
मत बेचो इन्हें मजदूरी के हाथ।
जो बच्चों से मजदूरी कराएगा,
वह जीवन भर दुख पाएगा।
बचपन हैं एक अनमोल खजाना,
बच्चों से मजदूरी करवाके इसे मत गवाना।

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